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उत्तराखंड: प्रदेश में कहीं भी पशु वधशाला प्रतिबंधित कर सकेगी सरकार, पढ़ें कैबिनेट के अन्य फैसले...

Thu, 30 Jan 2020 08:44 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 30 Jan 2020 08:44 PM IST
सार

  • मंत्रिमंडल ने दी अध्यादेश लाने को मंजूरी
  • अब तक नगर निकायों के पास था अधिकार
  • धार्मिक क्षेत्र/जिले को किया जा सकेगा प्रतिबंधित

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uttarakhand cabinet meeting : Integration of water bodies drinking water corporation may be approved
- फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

प्रदेश सरकार किसी भी धार्मिक क्षेत्र या जिले को पशु वधशाला (स्लॉटर हाउस) निर्माण के लिए प्रतिबंधित कर सकेगी। अब तक स्लॉटर हाउस खोलने या बंद करने का अधिकार नगर निकायों के पास था। मंगलौर स्लाटर हाउस पर नगर निकाय के रुख के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। मंत्रिमंडल ने धार्मिक मान्यताओं को देखते हुए अध्यादेश लाने को मंजूरी दी है।

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में उत्तराखंड नगर पालिका अधिनियम (संशोधन) अध्यादेश लाने का निर्णय लिया गया। मंगलौर में निर्माणाधीन स्लॉटर हाउस विवाद जारी है, साधु-संत समाज हिंदू धार्मिक क्षेत्रों में स्लॉटर हाउस नहीं खोलने को लेकर लामबंद है।
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भाजपा के कई विधायक और नेता हरिद्वार सहित अन्य धार्मिक स्थलों के आसपास वधशाला खोलने के विरोध में हैं। सरकार पर लगातार इस बात का दबाव था। इसी के चलते मंत्रिमंडल ने नगर पालिका, पंचायत और निगम क्षेत्र में स्लॉटर हाउस खोलने का अधिकार निकायों से हटाकर सरकार में सुरक्षित करने का निर्णय लिया है।

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हरिद्वार जिला होगा पूर्ण प्रतिबंधित

सरकार के अध्यादेश लाने की मंशा है कि हरिद्वार जिले में स्लॉटर हाउस खोलना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जा सके। धर्मनगरी के साथ जिले के दूसरे हिस्सों में भी स्लॉटर हाउस नहीं खोलने का दबाव सरकार पर है। इस निर्णय को कुंभ मेले के आयोजन से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

अन्य धार्मिक स्थल भी आएंगे दायरे में

प्रदेश में जितने भी हिंदू धार्मिक स्थल हैं, सरकार वहां इसे लागू करने की तैयारी में है। स्लॉटर हाउस पर रोक के बाद वहां मांस बेचने की अनुमति भी नहीं मिलेगी। इससे मांस की दुकानों से जुड़ा व्यवसाय प्रभावित होगा।

कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले

- आईडीपीएल की 833 एकड़ भूमि वन विभाग को मिलेगी, इसमें दो सौ एकड़ एम्स को देंगे।
- आईडीपीएस की 633 एकड़ पर बनेगा अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर और वेलनेस सिटी।
- खनन कारोबारियों को राहत, डेढ़ की बजाय तीन मीटर तक कर सकेंगे खनन।
- नैनीसार में निजी स्कूल को दी गई 400 एकड़ जमीन की वापसी पर होगा विचार।
- कुंभ मेला 2021 के लिए 31 पदों की स्वीकृति।
- अप्रैल में होने वाली वेलनेस समिट के लिए सीआईआई को पार्टनर बनाया गया।
- खनिज नियमावली के अवैध भंडारण के मामलों में सुनवाई का अधिकार एडीएम को दिया।
- परिवहन की प्राविधिक सेवाओं में भर्ती के लिए अधिकतम आयु 35 से बढ़ाकर 42 साल की।
- वैट के पुराने मामलों की सुनवाई के लिए समय मार्च 2020 तक बढ़ाया। 
- वर्कचार्ज कर्मियों के पेंशन एरियर भुगतान समय के मामले में सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार।
- पौड़ी के जयहरीखाल में आवासीय विद्यालय खुलेगा, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बनेगा ट्रस्ट।

स्लॉटर हाउस पर प्रीतम ने सरकार को घेरा

स्लॉटर हाउस पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने सरकार को घेरते हुए कहा कि जो अधिकार नगर निकायों को था, उस अधिकार पर सरकार ने अपना कब्जा जमाने का काम किया है। कांग्रेस भवन में मीडिया से वार्ता में उन्होंने कहा कि इस बात की खुशी है कि सरकार ने कम से कम तीन साल में एक फैसला तो लिया, लेकिन बेहतर होता सरकार अन्य क्षेत्रों में सही निर्णय लेती।

उन्होंने कहा कि हो सकता है कोई व्यक्ति इस मामले को न्यायालय में चुनौती दे। फिर न्यायालय से सरकार के लिए कोई फैसला आएगा। प्रदेश में इस तरह से सरकार चल रही है। उन्होंने कहा कि नगर निकाय सरकार के ऊपर नहीं है। इसके बावजूद सरकार उनके अधिकार को अपने पास लेकर विकेंद्रीकरण के बजाए केंद्रीयकरण करना चाहती है।

वहीं, विधायक हरीश धामी की नाराजगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि बेहतर होता वह मीडिया के बजाए पार्टी प्लेटफार्म पर अपनी बात रखते, इससे असहज स्थिति बनी है। प्रत्येक कार्यकर्ता और नेता को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन सही प्लेटफार्म पर अपनी बात रखी जानी चाहिए। मिल बैठकर मामले को सुलझा लिया जाएगा।

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