गैरसैंण विधानसभा सत्र: अपनी ही अधिसूचना और जीओ पलटेगी सरकार, जानें पूरा मामला
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गैरसैंण विधानसभा सत्र को लेकर हो रहे हो हल्ले के बीच गुरुवार को होने वाले सत्र में अब सरकार अपने ही जीओ और अधिसूचना को पलटने जा रही है। आगे जानिए पूरा मामला...
नगर निगमों में पार्षदों की संख्या को लेकर राज्य सरकार अपनी ही अधिसूचना और शासनादेश को पलटने जा रही है। अभी ज्यादा दिन नहीं हुए, जबकि सरकार ने नगर निगमों में पार्षदों की संख्या को बढ़ाने का फैसला किया था।
तय किया गया था कि नगर निगमों में न्यूनतम 40 और अधिकतम 100 पार्षद होंगे। इससे पहले ये संख्या 20 से 60 थी। मगर बुधवार को सरकार ने कैबिनेट में अपने ही पूर्व के फैसले को पलटने का अप्रत्याशित कदम उठा लिया। अब सदन में सरकार नगर निगम एक्ट में संशोधन करते हुए इस व्यवस्था को शामिल करने जा रही है।
राज्य निर्माण के बाद उत्तराखंड ने यूपी के नगर निगम एक्ट को ही स्वीकार कर लिया था। नगर निकायों के लगातार बढ़ते दायरे को देखते हुए सरकार ने पिछले दिनों नगर निगमों के खास संदर्भ में पाषदों की संख्या को लेकर अधिसूचना जारी की थी।
इसमें साफ कहा गया था कि निगमों में पाषदों की संख्या 40 से 100 तक होगी। चार दिसंबर 17 को इस संबंध में शासनादेश भी कर दिया गया था। इसमें आबादी के हिसाब से नगर निगमों की छह श्रेणियां बनाई गई थी।
सात लाख एक आबादी से ज्यादा वाला नगर निगम होने की वजह से देहरादून में 100 पार्षद होने तय माने जा रहे थे। इस बीच, कैबिनेट ने यह महसूस किया है कि विधानसभा सदस्यों की संख्या 71 है और निकायों के किसी सदन के सदस्यों की संख्या इससे ज्यादा उचित नहीं होगा।
इसके बाद इस संख्या को 35 से 70 के बीच सीमित कर दिया गया है। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने संपर्क करने पर कहा कि कुछ तकनीकी बातें रही हैं, जिन्हें महसूस किया जा रहा है। सदन में इस पर चर्चा के बाद कदम उठाए जाएंगे।