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Uttarakhand Cabinet: जबरन धर्मांतरण पर अब आजीवन कारावास तक की सजा, अग्निवीरों को 10% आरक्षण

Wed, 13 Aug 2025 01:41 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 13 Aug 2025 01:41 PM IST
सार

Uttarakhand News: आज कैबिनेट की बैठक में धर्मांतरण कानून और अग्निवीरों की भर्ती समेत 26 फैसले लिए गए।

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Uttarakhand Cabinet Meeting Decisions On Agniveers conversion law and others Proposal
सीएम धामी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

विस्तार

राज्य में जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए सरकार ने उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता कानून को और कठोर कर दिया है। इसमें जुर्माना राशि बढ़ाने के साथ ही सजा की अवधि आजीवन कारावास तक कर दी है। इसके अलावा सेना से सेवा मुक्त होने वाले अग्निवीरों को समूह ग की सीधी भर्ती में वर्दी पदों पर 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है। 2026 तक सेना से लौटकर आने वाले 850 अग्निवीरों को आरक्षण से नौकरी मिलेगी।

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बुधवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट में 26 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने जबरन धर्म परिवर्तन रोकने के लिए उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी। इस विधेयक को आगामी मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। अधिनियम में संशोधन कर सजा व जुर्माने का सख्त प्रावधान किया है। जबरन धर्मांतरण करने पर सजा की अवधि को 14 साल से आजीवन कारावास तक कर दिया गया है। जुर्माना राशि भी 50 हजार से बढ़ा कर 10 लाख कर दी गई। इसके साथ धर्म परिवर्तन की गतिविधियों से अर्जित की गई संपत्ति कुर्क की जाएगी। डिजिटल माध्यम से धर्म परिवर्तन का प्रलोभन देने व छद्म भेष में धर्मांतरण को कानून के दायरे में लाया गया है। धर्म परिवर्तन की गतिविधियों के लिए विदेशी संस्थानों से फंड प्राप्त करने पर 10 लाख तक जुर्माना करने का प्रावधान किया गया है।
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कैबिनेट ने सेना से सेवामुक्त होने वाले अग्निवीरों को समूह ग की सीधी भर्ती में वर्दी पदों पर 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को मंजूरी दी है। पुलिस आरक्षी (नागरिक व पीएसी), उप निरीक्षक, नागरिक पुलिस, प्लाटून कमांडर पीएसी, अग्निशामक, फायरमैन, अग्निशमन द्वितीय अधिकारी, बंदी रक्षक, उप कारापाल, वन आरक्षी, वन दरोगा, आबकारी सिपाही, प्रवर्तन सिपाही, सचिवालय रक्षक के पदों पर अग्निवीरों को नौकरी के लिए आरक्षण का लाभ मिलेगा। सेवा मुक्त अग्निवीरों की सीधी भर्ती में शारीरिक दक्षता परीक्षा नहीं होगी। इसके साथ ही सेना में दी गई कुल सेवा के बराबर सीधी भर्ती में अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी।

राजकीय औद्योगिक क्षेत्रों में सेवा क्षेत्र के लिए भी मिलेगी भूमि
प्रदेश के विभिन्न जिलों में उद्योग विभाग के कुल 30 राजकीय औद्योगिक क्षेत्र स्थापित हैं। वर्तमान में इन औद्योगिक क्षेत्रों में विनिर्माण उद्योग को भी भूमि या प्लॉट देने की व्यवस्था है। सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र के कुल क्षेत्रफल में पांच प्रतिशत भूमि सेवा क्षेत्र के लिए देने का निर्णय लिया है। इससे जैव प्रौद्योगिकी, आईटी, ऑटोमोबाइल सर्विस सेंटर, ईवी चार्जिंग स्टेशन, होटल, रेस्टोरेंट, उद्यमिता व कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए भूमि दी जाएगी।


आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए समिति गठित
कार्मिक विभाग ने विभिन्न विभागों में संविदा व आउटसोर्स पर कर्मचारियों की नियुक्ति पर रोक लगाई है। 25 अप्रैल 2025 की सेवा नियमावली में विभागों में खाली पदों को चयन प्रक्रिया के माध्यम से भरने का प्रावधान किया गया। इससे विभागों के कार्य संचालन में दिक्कतें आ रही है। इसके समाधान के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित करने के लिए कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

लखवाड़ परियोजना में नैनबाग के सर्किल रेट पर मुआवजा
लखवाड़ बहुउद्देशीय जल विद्यतु परियोजना के लिए जिन लोगों से भूमि अधिग्रहण की गई है, उन्हें भूमि मुआवजा नैनबाग के सर्किल रेट के आधार पर दिया जाएगा।

परियोजना विकास व निर्माण निगम के ढांचे का पुनर्गठन
उत्तराखंड परियोजना विकास एवं निर्माण निगम के ढांचे का पुनर्गठन किया गया है। इसमें प्रतिनियुक्ति के 91 और चार पद संवर्गीय श्रेणी के सृजित किए गए हैं।
 

कैबिनेट में ये निर्णय भी हुए

- सहकारिता विभाग के कर्मचारियों की सेवा व संवर्ग के लिए उत्तराखंड सहकारी संस्थागत सेवामंडल का गठन।
- उत्तराखंड उच्चतर न्यायिक सेवा (संशोधन), नियमावली 2025 को मंजूरी।
- उत्तराखंड भू संपदा नियामक प्राधिकरण (रेरा) के वार्षिक प्रतिवेदन विधानसभा पटल रखने का निर्णय।
- उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड की 2021-22 के वार्षिक वित्तीय प्रतिवेदन विधानसभा पटल में रखी जाएगी।
- उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के वित्तीय वर्ष 2023-24 के वार्षिक लेखा विवरण को विधानसभा पटल पर रखने की मंजूरी।
- उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के वित्तीय वर्ष 2023-24 की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा पटल रखने की मंजूरी।
- उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की अधिसूचित किए गए विनियमों को अधिनियम को विधानसभा पटल पर रखा जाएगा।
- उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड के वित्तीय वर्ष 2023-24 के वार्षिक प्रतिवेदन विधानसभा पटल रखने की मंजूरी।
- पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण से एनएच के निर्माण कार्य के परियोजना लागत पर नहीं ली जाएगी 22.73 करोड़ एसजीएसटी।
- उत्तराखंड पशुपालन विभाग सांख्यिकीय सेवा नियमावली 2025 को मंजूरी।
- उत्तराखंड वित्त सेवा (संशोधन) नियमावली 2025 को मंजूरी।
- विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं नवाचार (एसटीआई) नीति 2025 मंजूरी।
- नगर निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग सर्वेक्षण कार्य के लिए पूर्व की तरह उत्तराखंड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बीएस वर्मा की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय समर्पित आयोग के गठन का निर्णय।
- बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति में उपाध्यक्ष का एक अतिरिक्त पद सृजित करने की मंजूरी।
- ग्राम्य विकास विभाग के तहत प्रादेशिक विकास सेवा नियमावली 2011 में संशोधन को मंजूरी।
- उत्तराखंड पंचायतीराज (संशोधन) विधेयक विधानसभा पटल पर रखने को मंजूरी।

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