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उत्तराखंड कैबिनेट: 37 लाख महिलाओं के लिए नया सवेरा, मिलेगा जमीन का मालिकाना हक

Thu, 19 Nov 2020 10:04 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 19 Nov 2020 10:04 AM IST
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Uttarakhand cabinet meeting: 37 lakh women will get Ownership on Land Now
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : फाइल फोटो

उत्तराखंड की करीब 37 लाख महिलाओं (बालिग) के जीवन में नया सवेरा आया है। प्रदेश मंत्रिमंडल ने बुधवार को राज्य की सभी बालिग महिलाओं को भूमि का मालिकाना हक देने का नीतिगत फैसला कर लिया है। वे भूमि के खातों में किस तरह से खातेदार बनेंगी, यह तय करने के लिए कैबिनेट ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन कर दिया है।

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कमेटी में अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री), सचिव राजस्व और सचिव न्याय को शामिल किया गया है। यह कमेटी महिलाओं को संपत्ति में स्वामित्व देने पर विचार करेगी और अगली कैबिनेट की बैठक में अपनी रिपोर्ट रखेगी।
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह घोषणा की थी। ‘अमर उजाला’ ने महिलाओं को भूमिधरी का अधिकार देने के मामले को प्रमुखता से उठाया था। बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में सैद्धांतिक तौर पर निर्णय ले लिया गया। शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि कैबिनेट ने फैसला ले लिया है और अब कमेटी अपने सुझाव देगी, जिन पर आगामी कैबिनेट बैठक में फैसला लिया जाएगा।
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बकौल कौशिक भूमि पर अधिकार मिल जाने के बाद  महिलाएं अपने नाम पर दर्ज संपत्ति पर स्वरोजगार के लिए बैंकों से ऋण ले सकेंगी, वे आर्थिक रूप से मजबूत होंगी। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 13 प्रस्ताव आए, जिनमें से 11 को मंजूरी मिल गई।

महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की खुलेगी राह 

उत्तराखंड की आर्थिकी की धुरी माने जाने वाली मां और बालिग बेटियों के आत्मनिर्भर होने की राह खुलेगी। यह उन्हें जमीन पर मालिकाना हक मिलने से मुमकिन होगा। राज्य में काम कर रहे स्वयं सहायता समूह में शामिल कई महिलाओं ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से यह शिकायत की थी कि वे अपने दम पर स्वरोजगार स्थापित करना चाहती हैं लेकिन उनके पास पूंजी नहीं हैं।

काम धंधा शुरू करने के लिए बैंक उन्हें लोन नहीं देते हैं क्योंकि उनके नाम कोई संपत्ति नहीं हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सभी बालिग महिलाओं को भूमिधरी का अधिकार देने की घोषणा की। इस घोषणा के बाद बुधवार को कैबिनेट ने भी अपनी सहमति दे दी। अब कैबिनेट को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी के सुझावों के मिलने का इंतजार रहेगा। 
  
किस जिले में कितनी बालिग महिलाएं
जिला                 महिलाएं
उत्तरकाशी           110135
चमोली                142840
रुद्रप्रयाग             94752
टिहरी गढ़वाल      244130
देहरादून             649310
हरिद्वार               620069
पौड़ी गढ़वाल       273171
पिथौरागढ़           184865
बागेश्वर               104778
अल्मोड़ा              258610
चंपावत               93539
नैनीताल              353219
ऊधमसिंह नगर   572494       
कुल                  3701912

विवि के मेधावी छात्रों को मिलेगा नकद पुरस्कार

प्रदेश सरकार सरकारी क्षेत्र के विश्वविद्यालयों के कला, विज्ञान एव वाणिज्य के अंतिम वर्ष के छात्रों को नकद पुरस्कार देगी। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री मेधावी छात्र पुरस्कार योजना को मंजूरी दे दी है। मेधावी छात्र योजना के तहत सरकार करीब 18 लाख रुपये की धनराशि खर्च करेगी।

ये होगी टॉपर के लिए पुरस्कार राशि
वर्ग        प्रथम           द्वितीय      तृतीय    
स्नातक     50,000      30,000    15,000
स्नातकोत्तर  75,000     60,000    30,000

उच्च शिक्षण संस्थानों को खोलने पर फैसला बाद में
प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक ने कोविड-19 महामारी के कारण बंद पड़े उच्च शिक्षण और तकनीकी संस्थानों को खोलने पर फैसला टाल दिया गया है। शासकीय प्रवक्ता के मुताबिक, त्योहारी सीजन के बाद कोविड के प्रभाव को देखने के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगली कैबिनेट में इस पर विचार होगा।

एक लाख पीएम आवास का रास्ता साफ, आवास नीति में संशोधन
कृषि भूमि पर आवासीय निर्माण पर रोक की वजह से लटके एक लाख प्रधानमंत्री आवास का रास्ता साफ हो गया है। प्रदेश सरकार ने आवास नीति में संशोधन को मंजूरी दे दी है। संशोधन के तहत बिल्डरों को आवासीय कॉलोनियों में कमजोर वर्ग के लिए बनाए जाने वाले घरों को योजना से जोड़ने का निमंत्रण दिया गया है।

हाईकोर्ट ने कृषि भूमि पर आवासीय कालोनी बनाने पर रोक लगा रखी है। लेकिन राज्य सरकार ने 2020 में नीति संशोधन कर यह प्रावधान कर दिया था कि पात्र व्यक्ति अपनी निजी कृषि भूमि पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बना सकता है। आवास नीति में नए संशोधन के तहत पीएम आवास योजना में बिल्डर के लिए नया गलियारा खोल दिया गया है।

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