पंचायत चुनाव आचार संहिता हटने के बाद अल्मोड़ा में कैबिनेट की पहली बैठक, इन 15 प्रस्तावों पर लगी मुहर
- एसएसजे परिसर और आवासीय विश्वविद्यालय को मिलाकर बनेगा नया विवि
- अल्मोड़ा में हुई कैबिनेट की बैठक में उत्तराखंड जल नीति-2019 को भी मंजूरी
- आईटीआई का शुल्क 3900 रुपये वार्षिक करने का फैसला, पहले 40 रुपये माह था
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अल्मोड़ा में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में एसएसजे परिसर का आवासीय विवि में विलय करके सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय बनाने का फैसला लिया गया। अल्मोड़ा में करीब तीन साल पहले बने उत्तराखंड आवासीय विवि को इस नए विवि में शामिल करने का निर्णय हुआ है।
अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों के सभी महाविद्यालयों को नए विवि से संबद्ध कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्रसिंह रावत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में उत्तराखंड जल नीति-2019 को भी मंजूरी दे दी गई है। जल नीति में जल का उपयोग समानता और सामाजिक न्याय के सिद्धांत के आधार पर करने की बात कही गई है। साथ ही राज्य के समस्त जल संसाधनों को संरक्षित करने समेत अन्य बातों को शामिल किया गया है। कैबिनेट ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) का शुल्क 3900 रुपये वार्षिक करने का फैसला भी किया है। अब तक यह शुल्क 40 रुपये माह था।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले
- जंगली जानवरों से होने वाली जनहानि और फसलों को हुए नुकसान के मुआवजे के भुगतान अब आपदा विभाग करगेगा। अब तक वन विभाग इस मुआवजे का भुगतान करता था।
- टिहरी में टिहरी झील के निकट आईटीबीपी का साहसिक प्रशिक्षण सेंटर खोला जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार आईटीबीपी को भूमि उपलब्ध कराएगी। इसमें उत्तराखंड के युवाओं को प्रशिक्षण देने में प्राथमिकता दी जाएगी।
- कैबिनेट ने आरएस टोलिया प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान नैनीताल के कर्मचारियों की सेवा नियमावली को मंजूरी दे दी है।
- राज्य सरकार के मंत्री अब अपना आयकर खुद अदा करेंगे, जबकि अब तक उनको मिलने वाले वेतन भत्तों आदि के आयकर का भुगतान सरकार करती थी।
- राज्यपाल सचिवालय के कर्मचारियों और अधिकारियों की सेवा नियमावली को संशोधित किया गया है। इस फैसले में राज्यपाल सचिवालय और शासन के सचिवालय कर्मियों की सेवा नियमावली को समान कर दिया गया है।
- कैबिनेट ने एक फैसले में होम स्टे योजना के दायरे को बढ़ा दिया गया है। अब लोग होम स्टे चलाने के लिए पुराने भवनों का जीर्णोद्धार करने या उनमें सुविधाएं बढ़ाने के लिए भी ऋण प्राप्त कर सकेंगे।
- कैबिनेट ने मोटर यान नियमावली में एक संशोधन किया है। इसके तहत दुर्घटना होने के 30 दिन के भीतर पुलिस के लिए रिपोर्ट देना अनिवार्य कर दिया गया है। पहले रिपोर्ट मांगने पर ही दी जाती थी।
- प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में मध्याह्न भोजन के दौरान अब उत्तराखंड सहकारी योजना के तहत हफ्ते में एक बार बच्चों को मीठा सुगंधित दूध भी उपलब्ध कराया जाएगा।
-पशुपालन विभाग में वर्षों से काम कर रहे वैक्सीनेटर कर्मियों के लिए पशुपालन वैक्सीनेटर सेवा नियमावली को मंजूरी दी गई।
-कैबिनेट ने पीपीपी मोड नीति में संशोधन कर दिया है। अब पीपीपी मोड में संचालित होने वाली 50 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं के लिए कैबिनेट की मंजूरी जरूरी कर दी गई है, जबकि पांच से 50 करोड़ तक की योजनाओं के लिए ईएफसी कमेटी की मंजूरी जरूरी होगी। पांच करोड़ से कम की योजनाओं के लिए कैबिनेट की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी।
-उत्तराखंड राजस्व अभिलेख- 2019 का प्रख्यापन किया जाएगा।
-उत्तराखंड राजस्व अभिलेख नियमावली - 2019 को स्वीकृति।
कैबिनेट बैठक में इनकी रही मौजूदगी
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की इस बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, हरक सिंह रावत, सुबोध उनियाल, यशपाल आर्या, मदन कौशिक, अरविंद पांडेय, डॉ. धन सिंह रावत, रेखा आर्या के अलावा मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह और प्रमुख सचिव ओम प्रकाश आदि मौजूद रहे। बैठक के बाद शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने पत्रकारों को मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी दी।