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मंत्रिमंडल के फैसले को नहीं मान रहा उत्तराखंड स्वास्थ्य महकमा
अनिल चन्दोला/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 11 Jul 2016 12:06 PM IST
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हरीश रावत
- फोटो : अमरउजाला
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उत्तराखंड का स्वास्थ्य महकमा राज्य मंत्रिमंडल के अटैचमेंट समाप्त करने के फैसले को नहीं मान रहा है। आलम यह है कि कैबिनेट के अटैचमेंट खत्म करने संबंधी निर्णय के बावजूद बड़ी संख्या में डॉक्टर, फार्मासिस्ट और नर्सें आज भी अटैच हैं।
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पहाड़ के अस्पतालों में तैनात ज्यादातर डॉक्टर महानिदेशालय और राजधानी के अन्य कार्यालय व अस्पतालों में अटैच हैं। शासन स्तर से उनकी संबद्धता समाप्त करने के आदेश के बावजूद महानिदेशालय स्तर से अनुपालन सुनिश्चित नहीं हुआ।
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स्वास्थ्य विभाग में बड़ी संख्या में चिकित्सकों को अटैच किया गया है। इनमें से ज्यादातर डॉक्टर सेटिंग के दम पर दून में नौकरी बजा रहे हैं। मूलत: पहाड़ के अस्पतालों में तैनात इन चिकित्सकों का काम महानिदेशालय में बाबूगिरी भर करना रह गया है। कैबिनेट के निर्णय के बाद भी विभाग ने इनके अटैचमेंट समाप्त नहीं किए हैं। सबसे ज्यादा अटैचमेंट स्वास्थ्य महानिदेशालय में ही किए गए हैं।
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स्वास्थ्य महानिदेशालय से मिली जानकारी के अनुसार, अकेले एनएचएम में करीब एक दर्जन डॉक्टरों को अटैच किया गया है। रुद्रप्रयाग, पुरोला, पौड़ी, चंपावत, टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी से चहेते डॉक्टरों को अटैचमेंट के नाम पर दून में तैनाती दी गई है। रुद्रप्रयाग के डा. जेएस नेगी, पौड़ी के डा. एलएम सुंदरियाल, चंपावत के डा. राजीव पाल व डा. पारुल गोयल और देहरादून की डा. निधि रावत अटैच हैं। इसके अलावा दून से भी करीब आधा दर्जन डॉक्टर अटैच हैं।
महानिदेशालय में उत्तरकाशी में तैनात डा. मनु जैन, टिहरी में तैनात डा. एलडी सेमवाल और चमोली में तैनात डा. एसएस मर्तोलिया अटैच हैं। स्वास्थ्य महानिदेशालय से डा. अनिल आर्या, डा. जेपी देवशाली और एक अन्य डॉक्टर को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अटैच किया गया है।
वहीं मसूरी में तैनात डा. मनीषा कटियार मेडिकल एजुकेशन में अटैच हैं। इनके अलावा भी बड़ी संख्या में चिकित्सक अलग-अलग कार्यालय और अस्पतालों में अटैच हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक डा. कुसुम नरियाल को कई बार फोन किया गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। विभागीय जवाब मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
अधिकारिक तौर पर दो चिकित्सक हैं अटैच
मंत्रिमंडल ने अटैचमेंट समाप्त करने का निर्णय लिया है, जिसके बाद शासन ने सभी चिकित्सकों की संबद्धता समाप्त कर दी। शासन के अनुसार अभी स्वास्थ्य विभाग में केवल दो चिकित्सक ही संबद्धता पर एनएचएम में अटैच हैं, जिनके लिए विशेष परिस्थितियों में सीएम स्तर से आदेश जारी किया गया है। मिशन का कामकाज सुचारु चलाने के लिए सीएम स्तर से यह निर्णय लिया गया है। इससे पहले एक दर्जन चिकित्सकों को महानिदेशालय से मिशन में अटैच किया था।
मंत्रिमंडल के फैसले के बाद स्वास्थ्य विभाग में अटैचमेंट पर तैनात सभी चिकित्सकों की संबद्धता समाप्त करने का आदेश दिया गया है। किसी भी चिकित्सक को उसके मूल तैनाती स्थल पर ज्वाइन करने पर वेतन मिलेगा। आदेश के बाद भी अगर चिकित्सकों ने मूल तैनाती स्थल ज्वाइन नहीं किया तो उनका वेतन रोकने के साथ उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
- ओमप्रकाश, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य