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Uttarakhand: कैबिनेट के फैसले से विधायकों की मुराद हुई पूरी, 3.75 से बढ़कर पांच करोड़ रुपये हुई निधि
Mon, 13 Mar 2023 09:30 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, भराड़ीसैंण
अमर उजाला ब्यूरो, भराड़ीसैंण
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 13 Mar 2023 09:30 PM IST
सार
उत्तराखंड में विधायक लंबे समय से निधि बढ़ाने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि पर्वतीय दुर्गम इलाकों को देखते हुए उनके क्षेत्र की जरूरतें अलग हैं। लिहाजा निधि का फंड बढ़ाया जाए।
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विधायक निधि बढ़ी
- फोटो : istock
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विस्तार
उत्तराखंड में विधायक निधि बढ़ाए जाने की मांग पर आखिरकार धामी कैबिनेट ने मुहर लगा दी। विधायक निधि में बंपर बढ़ोतरी का एलान किया गया है। अपने क्षेत्रों में विकास कार्य कराने के लिए अब विधायकों को 3.75 करोड़ से के बजाय पांच करोड़ की राशि मिलेगी। ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत सभी विधानसभा सदस्यों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
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उत्तराखंड में विधायक लंबे समय से निधि बढ़ाने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि पर्वतीय दुर्गम इलाकों को देखते हुए उनके क्षेत्र की जरूरतें अलग हैं। लिहाजा निधि का फंड बढ़ाया जाए। धामी सरकार ने बटज पेश करने से पहले ही विधायकों की यह मुराद पूरी कर दी। पिछले विधानसभा सत्र के दौरान सदस्यों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से विधायक निधि बढ़ाने की मांग की थी। उन्हें बताया था कि वर्तमान में उन्हें हर वर्ष प्रति विधायक 3.75 करोड़ रुपये विधायक निधि दी जाती है।
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अब उनकी निधि से 18 प्रतिशत जीएसटी कटौती हो रही है। इससे विकास कार्यों के लिए पूरी राशि उपलब्ध नहीं हो रही है। उन्होंने सरकार के सामने दो विकल्प रखे थे, कि या तो सरकार विधायक विकास निधि में बढ़ोतरी करे या फिर 18 प्रतिशत जीएसटी का खर्च वह खुद वहन करे। इसके बाद ग्राम्य विकास विभाग की ओर से विधायक निधि को बढ़कार साढ़े चार करोड़ करने का प्रस्ताव वित्त को भेजा गया था। वित्त विभाग में जीएसटी खर्च को देखते हुए इसे एकमुश्त पांच करोड़ रुपये कर दिया। विधायकों को यह निधि उनके क्षेत्र विकास योजना की तहत प्रदान की जाती है। इससे विधायक छोटे-छोटे विकास कार्यों की अनुशंसा करते हैं।