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अनाज के भंडारण की परेशानी हुई दूर
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 19 Jul 2016 09:59 AM IST
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हरीश रावत
- फोटो : ANI
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उत्तराखंड सरकार ने अनाज के भंडारण को लेकर आ रही दिक्कतों को काफी हद तक दूर कर दिया है। कारण यह कि कैबिनेट ने राज्य भंडारण निगम के गठन को मंजूरी दे दी है।
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ढांचे के गठन को मंजूरी मिलने के साथ बाद न सिर्फ अधिकारियों, कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर भर्तियां कर कामकाज में तेजी लाई जा सकेगी, वरन तमाम चीजों के लिए केंद्रीय भंडारण निगम या यूपी भंडारण निगम की भी मदद नहीं लेनी होगी।
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वैसे तो सरकार की ओर से राज्यभर में 12 भंडारण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। लेकिन राज्य भंडारण निगम के वजूद में नहीं होने से अनाजों के भंडारण और सरकारी कामकाज के निपटारे में दिक्कतें आ रही हैं। अधिकारियों, कर्मचारियों की कमी के चलते लाखों टन अनाज रखरखाव, देखभाल न होने के चलते बर्बाद हो जाता है।
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राज्य भंडारण निगम के गठन की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। आखिरकार सरकार ने निगम के ढांचे को मंजूरी दे दी है। नए फैसले के मुताबिक निगम में चेयरमैन, प्रबंध निदेशक समेत 111 अधिकारियों, कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। ये सभी नियुक्तियां उन 50 अधिकारियों, कर्मचारियों के अतिरिक्त होगी जो पहले से ही निगम में नियुक्त हैं।
केंद्रीय भंडारण अधिनियम के तहत निगम का बोर्ड ऑफ गवर्नर्स होगा, जिसमें पांच सदस्य केंदीय निगम के होंगे जबकि पांच सदस्यों को नामित करने का अधिकार राज्य सरकार को होगा। नए ढांचे के मुताबिक रुद्रपुर में निगम का मुख्यालय होगा जबकि राज्य में कुमाऊं और गढ़वाल में दो क्षेत्रीय कार्यालय होंगे। मुख्यालय में 20 अधिकारियों, कर्मचारियों की तैनाती होगी। वहीं क्षेत्रीय कार्यालयों के लिए सात पदों का सृजन किया गया है।