उत्तराखंड: वन विभाग में हुए बंपर तबादले, कई अधिकारियों का कामकाज भी बदला, यहां देखें लिस्ट...
- रंजना को वन्यजीव संरक्षण का जिम्मा, भरतरी बने जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष
- सुहाग मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, राजाजी पार्क का निदेशक भी बदला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अनलॉक-2 में तबादलों को लेकर शून्य सत्र घोषित होने के बाद भी वन विभाग ने मंगलवार को कई अफसरों के कामकाज में बदलाव किया और उन्हें नई जगह तैनात किया। इनमें प्रमुख वन संरक्षक रंजना को जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटाकर प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव का पद दिया गया है। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक राजीव भरतरी को अब जैव विविधता बोर्ड का अध्यक्ष पद दिया गया है।
राजीव भरतरी की जगह अपर मुख्य वन संरक्षक जेएस सुहाग को मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है तथा कैंपा का सीईओ बनाया गया है। अपर प्रमुख वन संरक्षक समीर सिन्हा को कैंपा से हटाकर सामुदायिक वानिकी का जिम्मा सौंपा गया है। अपर प्रमुख संरक्षक गिरिजा शंकर पांडे को नियोजन एवं वित्तीय प्रबंधन सौंपा गया है। रंजन कुमार मिश्रा को नमामि गंगे परियोजना में निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। कपिल लाल को प्रशासन दिया गया है।
शासन ने मुख्य वन संरक्षक स्तर पर भी आठ अधिकारियों के कामकाज में बदलाव किया है। डॉ. विवेक पांडे को प्रतिनियुक्ति पर वन विकास निगम हल्द्वानी में महाप्रबंधक पद पर भेजा गया है। मान सिंह को वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन, रमेश चंद्र को एनटीएफपी और आजीविका, प्रतिक्षारत सुशांत कुमार पटनायक को सीसीएफ गढ़वाल, तेज्स्वीन अरविंद पाटिल को सीसीएफ कुमाऊं, निशांत वर्मा को सीसीएफ प्रशासन एवं वन्यजीव संरक्षण का जिम्मा सौंपा गया है।
अधिकतर सुर्खियों में रहने वाले आईएफएस संजीव चतुर्वेदी को वन अनुसंधान संस्थान की जिम्मेदारी से मुक्त नहीं किया गया लेकिन हल्द्वानी की कार्ययोजना सौंप दी गई है। इसी तरह हाल ही में मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े पराग मधुकर धकाते को सतर्कता एवं विधि प्रकोष्ठ में मुख्य वन संरक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही उन्हें मुख्यालय में मुख्य वन संरक्षक का बनाया गया है।
राजाजी पार्क के निदेशक अमित वर्मा को सीएफ यमुना वृत्त में लाया गया है और डीके सिंह को राजाजी पार्क का निदेशक बनाया गया है। जीसी जोशी को टौंस, चकराता और पुरोला की कार्ययोजना का जिम्मा सौंपा गया है। प्रेम नारायण शुक्ल को पिथौरागढ़ एवं चंपावत डिवीजन में कार्ययोजना अधिकारी और दक्षिण कुमाऊं सर्किल में लाया गया है।
भूपेंद्र प्रताप सिंह को नंदा देवी का निदेशक का अतिरिक्त प्रभार देते हुए उन्हें गढ़वाल मंडल देहरादून का कार्ययोजना अधिकारी बनाया गया है। कुबेर सिंह बिष्ट को चंपावत से हटाकर दक्षिण कुमाऊं सर्किल का अतिरिक्त प्रभार सौंपते हुए उन्हें कुमाऊं मंडल इकाई एक में कार्ययोजना अधिकारी बनाया गया है।
उप वन संरक्षक स्तर पर भी व्यापक स्तर पर तबादले किए गए हैं। टीआर बीजूलाल को टिहरी, डी. थिरुज्ञान को सिविल वन प्रभाग अल्मोड़ा, दीपचंद आर्य को उत्तरकाशी भेजा गया है। विनय कुमार भार्गव को हल्द्वानी वानिकी प्रशिक्षण अकादमी में उपनिदेशक, नीतिश मणि त्रिपाठी को मसूरी, कहकशां नसीम को टांस वन प्रभाग पुरोला, डॉ. कोको रोसे को नैनीताल, संदीप कुमार को तराई पूर्वी, दीप चंद्र पंत को अनुसंधान वृत्त हल्द्वानी, मुकेश कुमार को चकराता, उमेश चंद्र जोशी को पिथौरागढ़, अखिलेश तिवारी को कालागढ़, मयंक शेखर झा को चंपावत, दीपक सिंह को लैंसडौन और बलवंत सिंह को बागेश्वर भेजा गया है। पुनीत तोमर को राजाजी में उपनिदेशक बनाया गया है।