Uttarakhand Budget Session: हंगामे के बीच 89 हजार करोड़ से ज्यादा का बजट पास, सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
Uttarakhand Budget Session 2024: सत्र की कार्रवाही तय दिनों से एक दिन पहले गुरुवार को ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
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विस्तार
उत्तराखंड विधानसभा में बृहस्पतिवार की शाम विपक्ष के शोर-शराबे के बीच 89,230 करोड़ का बजट ध्वनि मत से पास हो गया। बजट पर चर्चा के लिए पूरा मौका न मिलने से नाराज विपक्षी सदस्य सदन में नारेबाजी कर रहे थे, इस बीच सत्तापक्ष ने बिना चर्चा के पहले विभाग वार अनुदान मांगें पास करा दीं। हंगामे के बीच ही विनियोग विधेयक भी पारित हो गया।
इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सदन की कार्यवाही एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। इस तरह पांच दिन का सत्र चार दिन में ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। इस अवधि में सदन की कार्यवाही 28 घंटे 25 मिनट चली। बृहस्पतिवार को भोजनावकाश के बाद जब बजट पर चर्चा चल रही थी। तभी देहरादून में एक नाबालिग लड़की की कथित हत्या के मामले में विपक्ष ने सारी कार्यवाही रोक कर कानून व्यवस्था पर चर्चा कराने की मांग की। विपक्ष सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से वाकआउट कर गया। सदन में बजट पर चर्चा के दौरान स्पीकर ने विपक्ष के उन सदस्यों के नाम पुकारे, जिन्हें बजट पर चर्चा करनी थी।
जब विपक्षी सदस्य सदन में लौटे तो उन्होंने चर्चा में शामिल होने की मांग की। स्पीकर ने उन्हें अनुदान मांगों पर अपनी बात रखने की सलाह दी। इससे नाराज विपक्षी सदस्य वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान उन्होंने टेबल पलटने की कोशिश भी की। मार्शल ने उन्हें रोका। इस शोर-शराबे और हंगामे के बीच सरकार ने पहले बारी-बारी से अनुदान मांगें पारित कराईं और उसके बाद विनियोग विधेयक भी पारित करा दिया।
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हमारी आवाज दबाने की कोशिश हुई : आर्य
विपक्ष सदन को व्यवस्थित ढंग से चलाने में पूरा सहयोग कर रहा था, लेकिन सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। बेरोजगारी के मुद्दे पर हमें अपनी बात नहीं रखने दी गई। हमने भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए, जिनके जवाब सरकार के पास नहीं थे।
किस विभाग का कितना बजट हुआ पास
विभाग - बजट
निर्वाचन- 223 करोड़ 54 लाख 16 हजार
वित्त- 16406 करोड़ 30 लाख 49 हजार
आबकारी - 43 करोड़ 19 लाख 18 हजार
सहकारिता- 241 करोड़ 83 लाख 70 हजार
सिंचाई- 2125 करोड़ 64 लाख 93 हजार
पर्यटन - 390 करोड़ 83 लाख 8 हजार
उद्यान - 575 करोड़ 4 लाख 47 हजार
शिक्षा - 11244 करोड़ 81 लाख 38 हजार
वन - 1061 करोड़ 11 लाख 44 हजार
पेयजल - 2565 करोड़ 34 लाख 3 हजार
कृषि - 1045 करोड़ 41 लाख 23 हजार
परिवहन - 506 करोड़ 71 लाख 19 हजार
समाज कल्याण - 3758 करोड़ 87 लाख 86 हजार
पशुपालन - 791 करोड़ 54 लाख 22 हजार
श्रम एवं रोजगार - 452 करोड़ 37 लाख 16 हजार
खाद्य - 944 करोड़ 68 लाख 17 हजार
सदन में जो भी सदस्य थे, उन्हें अपनी बात रखने का पूरा-पूरा मौका दिया गया। चाहे नियम 58 की सूचनाएं हों या नियम 310 की सूचनाएं, सभी को सुना गया। कल रात 11.30 बजे बैठे थे, ताकि सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर मिले।
- ऋतु खंडूड़ी भूषण, स्पीकर
सदन में विपक्ष के सदस्यों ने जो भी सूचना दी और सवाल किए, सरकार ने उनके संतोषजनक जवाब दिए। कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार अपना जवाब पहले दे चुकी है।
- प्रेमचंद अग्रवाल, संसदीय कार्यमंत्री