Uttarakhand Budget 2024: इन प्रावधानों से अन्नदाताओं की बढ़ेगी आय, कृषि उपज का मिलेगा सही दाम
Uttarakhand Budget 2024: प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से संचालित योजनाओं में सब्सिडी के लिए बजट की व्यवस्था की गई है।
विस्तार
उत्तराखंड सरकार ने बजट में खेती किसानी को बढ़ावा देने के लिए किसानों को विभिन्न योजनाओं में सब्सिडी के लिए बजट का प्रावधान किया है। कृषि उपज का सही दाम दिलाने के लिए बाजार उपलब्ध कराया जाएगा, इससे अन्नदाता की आमदनी बढ़ेगी। मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना के लिए 35 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से संचालित योजनाओं में सब्सिडी के लिए बजट की व्यवस्था की गई है। किसानों के उत्पादों के मूल्य संवर्धन के लिए असंगठित खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को संगठित करने के लिए प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी। 60 वर्ष से अधिक के किसानों को पेंशन का लाभ देने के लिए 46.10 करोड़ का बजट में प्रावधान किया गया है।
Uttarakhand Budget 2024: धामी सरकार के बजट में युवा शक्ति के कल्याण पर फोकस, जानें क्या मिला खास
राज्य में सेब उत्पादन के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए एप्पल मिशन योजना में 35 करोड़ का बजट रखा गया है। स्थानीय फसलों के लिए प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत 5.75 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया। दाल चीनी और तिमरु मिशन को संचालित करने के लिए 10 वर्ष की कार्ययोजना बनाई गई है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री सूक्ष्म उद्यम योजना में सब्सिडी के लिए 26.77 करोड़ की बजट में व्यवस्था की गई है। मोटे अनाजों का उत्पादन बढ़ाने के लिए मिलेट मिशन में सात करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है।
दुग्ध उत्पादों को प्रोत्साहन के लिए 32 करोड़
दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने बजट में दुग्ध मूल्या प्रोत्साहन योजना में अनुदान के लिए 32 करोड़ का प्रावधान किया है। इससे दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े 53 हजार दुग्ध उत्पादकों को अनुदान का लाभ मिलेगा। स्वरोजगार के लिए मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन कार्यक्रम के तहत बैंक से ऋण लेने पर 90 प्रतिशत ब्याज का भुगतान प्रदेश सरकार करेगी। पशुचारे के लिए साइलेज पर 75 प्रतिशत अनुदान और मिनरल मिक्सचर पर 50 प्रतिशत अनुदान आंचल पशु आहार पर पर्वतीय क्षेत्रों में 6 रुपये प्रति किलो और मैदानी क्षेत्रों में चार रुपये प्रति किलो सब्सिडी दी जाएगी।
मत्स्य पालक किसानों को दुर्घटना बीमा और क्रेडिट कार्ड
मत्स्य पालन व्यवसाय में स्वरोजगार देने के लिए मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए बजट में 12 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मत्स्य पालकों को दुर्घटना बीमा के साथ किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ दिया जाएगा। मत्स्य उत्पादन और विपणन सेक्टर को मजबूत करने के लिए मत्स्य किसान उत्पादन संगठन बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए 104.25 करोड़ की राशि की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में ट्राउट फिश उत्पादन पर सरकार का फोकस है। इससे स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। वर्ष 2016-17 में प्रदेश में 10 टन ट्राउट फिश का उत्पादन होता था। जो बढ़कर 506 मीट्रिक टन हो गया है।
सहकारिता किसान कल्याण के लिए 85 करोड़
दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत बजट में 85 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे सहकारी समितियों से जुड़े किसानों को लाभ मिलेगा। समेकित सहकारी विकास योजना के तहत सात करोड़ की राशि रखी गई है।