फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand budget 2020 : Revenue Surplus Budget at cost of Road, Hospital, School

उत्तराखंड बजट 2020: सड़क, अस्पताल, स्कूल की कीमत पर राजस्व सरप्लस बजट

Sat, 29 Feb 2020 01:26 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal सुधाकर भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
सुधाकर भट्ट, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 29 Feb 2020 01:26 PM IST
सार

  • अपने राजस्व से विकास योजनाओं के लिए पैसा नहीं निकाल रही सरकार  
  • विकास योजनाओं के लिए कर्ज, अनुदान की रहती है दरकार
  • राजकोषीय घाटा लगातार बढ़ता रहा, फिर भी राजस्व सरप्लस

विज्ञापन
uttarakhand budget 2020 : Revenue Surplus Budget at cost of Road, Hospital, School
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

राजस्व सरप्लस की जिद प्रदेश के नागरिकों के लिए अस्पताल, स्कूल, सड़क, बिजली, पानी की जरूरत पर भी भारी पड़ रही है। हाल यह है कि सरकार अपनी विकास योजनाओं का बजट कम कर राजस्व घाटे को राजस्व सरप्लस में बदलने का काम करती आ रही है।

विज्ञापन


वर्तमान में प्रदेश सरकार का राजकोषीय घाटा करीब 6648 करोड़ रुपये है। यह अब तक सबसे अधिक राजकोषीय घाटा है। राज्य गठन के बाद से ही यह घाटा लगातार बढ़ता रहा है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार पिछले 19 सालों में मात्र आठ बार ही राजस्व घाटे का बजट लेकर आई है। इसका एक कारण राजस्व घाटे से राजनीतिक रूप से परहेज करना भी रहा है। छोटा राज्य होने के कारण कोशिश यही की जाती रही है कि कर रहित और राजस्व सरप्लस बजट ही लाया जाए।
विज्ञापन


इसके लिए अपने राजस्व से योजनाओं के लिए पैसा नहीं जुटाया गया और योजनाओं के लिए पैसे का इंतजाम कर्ज लेकर किया जाता रहा। सरकार का यह जादू चौथे वित्त आयोग की रिपोर्ट से कुछ हद तक सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक कायदे में सरकार को राजस्व में से योजनाओं के लिए कुछ बचाना चाहिए। लेकिन सरकार नेे योजनाओं के लिए कर्ज लिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

योजनाओं के लिए हो रही है पैसे की कमी

बजट में इस जिद के कारण भी योजनाओं के लिए पैसे की कमी लगातार हो रही है। योजनाओं के लिए सरकार नौ करोड़ रुपये का इंतजाम करती है तो राजस्व खर्च को 38 हजार करोड़ तक जाने देती है।

इस बार कुछ हद तक राहत 
इस बार 15वें वित्त आयोग ने करीब पांच हजार करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान प्रदेश सरकार को दिया है। अधिकारियों के मुताबिक इससे योजनाओं के लिए कुछ हद तक बजट की व्यवस्था हो पाएगी।

साल  =  राजस्व घाटा या सरप्लस =   राजकोषीय घाटा

2001-02  =  329.98  =  612
2002-03   = 457.26  =  888
2003-04   = 761.26  =  1407.12
2004-05    =950.14  =  2171.43
2005-06   = 73.95  =  1878.22
2006-07    =-896.37 =   885.77
2007-08    =-636.53   = 1742.40
2008-09    =-239.53  = 1844.96
2009-10    =1171.35  =  2783.32
2010-11    =12.92  =  1842.57
2011-12    =-716.09  =  1357.49
2012-13    =-1786.99  =  1599.49
2013-14    =-11.04  =  3050
2014-15    =-637.79 =   5696.87
2015-16    =282  =  4749
2016-17    =25  =  6072        
2017-18    =-1978.12  =  7685.82
2018-19    =27.25  =  5492.11
2019-20    =22.79  =  6798.16

नोट : 2018-19 व 19-20 के आंकड़े रिवाइज्ड और अनुमानित हैं। राशि करोड़ में

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed