उत्तराखंड विस बजट सत्र: वित्तमंत्री ने पेश किया बजट, बजट पढ़ते हुए बिगड़ी मंत्री की तबीयत
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त्रिवेंद्र सरकार ने आज सोमवार को विधानसभा में आम बजट पेश किया। शाम को करीब साढ़े चार बजे सदन के पटल पर वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने बजट पेश किया। वित्तमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 48663.90 करोड़ रुपए का बजट सदन में पेश किया। इस दौरान बताया गया कि सरकार को राजस्व में घाटा नहीं हुआ है। बजट में खेती व किसानी के साथ स्वरोजगार को बढ़ावा देने की घोषणा की। बजट पढ़ते-पढ़ते वित्त मंत्री बीमार हो गए। जिन्हें आनन-फानन में देहरादून के सीएमआई हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। वहां उनका इलाज चल रहा है। जिसके बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बजट पढ़ा। त्रिवेंद्र सरकार का पहला सरप्लस बजट है। जिसमें खर्च से ज्यादा सरकार की कमाई होगी। बजट के तहत 48679.43 करोड़ की राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य है। जबकि सरकार का बजट 48663.90 करोड़ का है।
इससे पहले पुलवामा शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। विधानसभा सत्र में प्रश्नकाल टाल दिया गया। सोमवार को कश्मीर में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में 4 जवानों के शहीद होने की सूचना पर सदन में शोक प्रस्ताव पर चर्चा हुई। शोक प्रस्ताव पर आतंकी हमले में शहीदों की शहादत पर गणेश जोशी व करण महरा फफक पड़े। स्पीकर प्रेम चंद अग्रवाल के भी आंसू छलक पड़े। विधानसभा अध्यक्ष भी भावुक हो गए। विधायन कारण मेहरा ने मेजर चित्रेश बिष्ट और मेजर वीएस ढौंडियाल को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन स्थगित करने की मांग। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने शहिदों को श्रधांजलि दी और दो मिनट का मौन रखा। इसके बाद 12 बजकर 20 मिनट तक सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। उसके बाद कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन विपक्ष सदन से नदारद रहा। सदन में विपक्ष की गैर मौजूदगी में तीन संसोधन विधयेक पेश हुए। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित हुआ। सदन 4 बजे तक स्थगित हुआ।
पहले 15 फरवरी को पेश होना था बजट
इससे पहले सरकार ने 15 फरवरी को बजट पेश करना था, लेकिन पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों के शोक में इसे टाल दिया गया था। वर्ष 2018-19 के वित्तीय वर्ष के लिए सरकार ने 45585.09 करोड़ रुपये का बजट पास किया था। बजट में सरकार ने कौशल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र को खास प्राथमिकता दी थी। अब 2019-20 के बजट में सरकार प्राथमिकता क्षेत्र में शामिल कृषि, पशुपालन, वानिकी, मत्स्य पालन, खनन के क्षेत्र में घोषणा कर सकती है।
प्रदेश सरकार के सामने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का संकल्प भी पूरा करने का लक्ष्य है। ऐसे में संकेत हैं कि बजट में सरकार पर्यटन, व्यापार, परिवहन, सड़क एवं संचार क्षेत्र को प्राथमिकता दे सकती है। पिछले बजट में जो घोषणाएं सरकार ने की थीं, उनमें बजटीय प्रावधान को सरकार बढ़ा सकती है।