55 की उम्र में एक गोली से मार गिराए तीन बदमाश
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बागपत की घटना से भले ही उत्तराखंड की पुलिस शर्मसार हुई हो लेकिन 11 साल पहले एक बुजुर्ग सिपाही ने जो हौसला दिखाया था उसे आज भी पूरा हरिद्वार जिला याद करता है।
बदमाशों से लोहा लेने के लिए जवान होना या आधुनिक हथियार रखना मायने नहीं रखता। चाहिए तो बस दिलेरी। हौसला हो तो किसी भी उम्र और हथियार से बदमाशों को ढेर किया जा सकता है। बाबूराम का कारनामा कुछ यही सबक दे रहा है।
बागपत में एके-47 और एसएल आर लिए हुए युवा सिपाही बदमाशों के सामने अपनी जान बचाने के लिए छिपते नजर आए लेकिन 11 साल पहले 55 वर्षीय सिपाही बाबूराम ने पुलिस हिरासत से भाग रहे तीन बदमाशों को पुरानी थ्री नॉट थ्री रायफल की एक ही गोली से ढेर कर दिया था। इस बुजुर्ग सिपाही बाबूराम की दिलेरी को लोग इस समय बड़ी शिद्दत से याद कर रहे हैं।
भागते हुए तीन बदमाशों को एक गोली से किया ढेर
हरिद्वार जनपद में वर्ष 2003 में कुख्यात बदमाश भूपेन्द्र का डंका बजता था। गिरफ्तार किए गए बदमाश भूपेन्द्र त्यागी को 55 वर्षीय सिपाही बाबूराम और नीरज पुलिस अभिरक्षा में कोर्ट में ले जा रहे थे।
रोडवेज बस अड्डे के पास कुख्यात बदमाश भूपेन्द्र त्यागी के साथी स्वीटी और शमीम ने पुलिस पार्टी पर हमला कर उसे छुड़ा लिया था।
बाइक पर भाग रहे बदमाशों पर बाबूराम ने अपनी थ्री नॉट थ्री रायफल की एक गोली चलाई थी। एक ही गोली से बाइक पर भाग रहे तीनों बदमाश मौके पर ढेर हो गए थे।
बाबूराम ने घटना के बाद कोतवाली सिविल लाइंस में मुकदमा भी दर्ज कराया था। बाबूराम और सुनित नेगी जैसे सिपाहियों ने जनपद में पुलिस विभाग का सिर हमेशा ऊंचा रखा है।