फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand board topper not interested in politics

उत्तराखंड बोर्डः राजनीति में नहीं आना चाहता कोई भी टॉपर

Fri, 27 May 2016 11:20 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Fri, 27 May 2016 11:20 AM IST
विज्ञापन
uttarakhand board topper not interested in politics
uttarakhand board topper priyanka - फोटो : amar ujala

उत्तराखंड बोर्ड में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के टॉपर अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा हैं। टॉपरों ने कड़ी मेहनत से सफलता का मुकाम हासिल किया है। अमर उजाला से बातचीत में टॉपरों ने अपने अनुभव साझा करने के साथ मौजूदा शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी, पलायन जैसे ज्वलंत मुद्दों पर दो-टूक बात की।

विज्ञापन


सभी टॉपरों का लक्ष्य प्रशासनिक एवं देश की सेवा करना है। राजनीति में कोई भी टॉपर अपना कॅरियर नहीं बनाना चाहता है। टॉपरों का कहना है कि सत्ता और कुर्सी के लिए नेताओं ने राजनीतिक जैसे समाजसेवा के कार्य को कारोबार बना दिया है। 
विज्ञापन


प्रियंका भट्ट : इंटर में 95 फीसदी अंकों के साथ प्रदेश टॉप किया है। प्रियंका ने हाईस्कूल में भी 90 फीसदी अंकों के साथ प्रदेश में 23वां स्थान प्राप्त किया था। प्रियंका बताती हैं, वह नियमित 8-9 घंटे पढ़ती थी। कठिन विषयों को रोजाना पढ़ती थी। सरल विषयों को स्कूल में ही पढ़ती थी। उनके मुताबिक आज की युवा पीढ़ी वास्तविकता से दूर भागती है। कल्पनाओं में जीती है। बगैर मेहनत किए कोई भी कल्पना साकार नहीं हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उनका कहना है कि टारगेट बनाकर हर सफलता हासिल की जा सकती है। प्रियंका के मुताबिक मौजूदा शिक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत है। केवल किताबी ज्ञान से हर कोई अपनी पसंद से मुकाम नहीं पा सकता है, व्यावहारिक और तकनीकी शिक्षा भी जरूरी है। प्रियंका का कहना है कि तकनीकी शिक्षा बेरोजगारी दूर करने में कारगर साबित हो सकती है। पढ़ाई पूरी होते ही युवा अपना कारोबार कर सकता हैं, जिससे पलायन को रोका जा सकता है।

पंकज वारियाल : हाईस्कूल में 96 अंकों के साथ मेरिट में 5वां स्थान प्राप्त किया है। पंकज ने सफलता का श्रेय गुरुजनों और अभिभावकों को दिया है। पंकज का कहना है कि मेहनत अपनी जगह है, लेकिन मार्गदर्शन बेहद जरूरी है। धारी ओखलकांडा के पंकज बताते हैं, शिक्षा को व्यावहारिक बनाने की जरूरत है।

स्वरोजगार के अवसर बढ़ने से देश में गरीबी दूर हो सकती है। प्रदेश में पिछले दिनों हुए सियासी उठापटक पर पंकज का कहना है कि नेताओं के निजी स्वार्थ से विकास बाधित हुआ है। नेता सिर्फ अपनी और अपनों की सोचते हैं। जिससे गांव आज मूलभूत सुविधाओं से अछूते हैं। अपने गांव का जिक्र करते हुए पंकज का कहना है कि आज तक सड़क नहीं बन सकी है। तीन किमी पैदल चलकर सड़क पर आना पड़ता है। नेताओं को गांवों की तरफ ध्यान देने की जरूरत है। 

डीएम ने प्रदेश टॉपर प्रियंका को घर जाकर दी बधाई
जिलाधिकारी दीपक रावत ने उत्तराखंड बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रदेश टॉपर प्रियंका भट्ट एवं उनके परिजनों को आरटीओ रोड स्थित उनके आवास पर जाकर बधाई दी। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रियंका ने 95 फीसदी अंक पाकर प्रदेश में जो मुकाम हासिल किया है। उससे जनपद नैनीताल को जो सम्मान मिला है, उसके लिए प्रियंका तथा उनके माता पिता के साथ-साथ गुरुजन बधाई के पात्र हैं।

उन्होंने इस सफलता के लिए प्रियंका को शाबाशी देते हुए उसकी मेहनत और लगन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि आईएएस बनने की तैयारी में जो भी मार्गदर्शन, सहयोग व पुस्तकों आदि की जरूरत होगी वह  प्रियंका को उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगे। डीएम ने प्रियंका को आईएएस परीक्षा की तैयारी के गुरुमंत्र भी दिए। इसके उपरांत डीएम हरगोविंद सुयाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज भी गए तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य खीम सिंह बिष्ट एवं अध्यापकों को भी बधाई दी। इस दौरान उपजिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, ब्लाक प्रमुख भोला दत्त भट्ट, नंदा साह, प्रियंका के पिता मनोज भट्ट, मां दीपा भट्ट एवं भाई नीलेश भट्ट भी मौजूद थे।

रोजगार के अवसर बढ़े तभी रुकेगा पहाड़ से युवाओं का पलायन
उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में 96.8 फीसदी अंक प्राप्त कर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले सिंगोली गांव निवासी प्रभाकर परमार का कहना है कि निरंतर बढ़ रहे पलायन ने पर्वतीय अंचल के भविष्य पर प्रश्न चिह्न लगा दिए हैं। पर्वतीय क्षेत्र की समृद्धि की अवधारणा को लेकर ही पृथक उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना की गई थी, युवाओं का निरंतर पलायन हो रहा है, इसके पीछे रोजगार का अभाव है।

यदि सरकारों ने पिछले 16 सालों में लघु उद्योग भी लगाए होते तो यह नौबत नहीं आते, भारी संख्या में पढ़े लिखे युवा बेरोजगार नहीं घूमते। सरकार को रोजगार के अवसर पैदा करने चाहिए। कहा कि पिछले दिनों जिस तरह से प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल रहा वह शर्मनाक था।


पूरे देश में उत्तराखंड की बदनामी हुई है, चुनी हुई सरकारों कार्य करनेदेना चाहिए, यदि कार्य बुरा होगा तो जनता सबक सिखाएगी। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत होती है। नकारात्मक सोच में भी सकारात्मकता होती है, बस इसे पहचानने की जरूरत है। वह राजनीति के क्षेत्र में जाने के बजाए भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाकर सेवा करना चाहते हैं, फिलहाल उनका पूरा ध्यान इंटरमीडिएट परीक्षा सर्वोच्च अंकों से पास करने पर है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed