फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Bjp senior leader umesh agarwal passed away

उत्तराखंड: भाजपा के वरिष्ठ नेता उमेश अग्रवाल का निधन, अंतिम संस्कार में भावुक हुए भाजपाई

Mon, 10 Jun 2019 08:27 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 10 Jun 2019 08:27 AM IST
विज्ञापन
Uttarakhand Bjp senior leader umesh agarwal passed away
भाजपा नेता उमेश अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला

भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष एवं व्यापारी नेता उमेश अग्रवाल का रविवार तड़के करीब 3.30 बजे निधन हो गया। लक्खीबाग स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें कैंसर था। बीते चार साल से सिंगापुर में उनका इलाज चल रहा था। चार दिन पहले ही वह अपने घर लौटे थे। उनके निधन से भाजपाइयों में शोक है।

विज्ञापन


उनके पुत्र सिद्धार्थ और प्रांजल अग्रवाल ने बताया कि पिताजी पिछले कुछ वर्षों से कैंसर से पीड़ित थे। तड़के उनका निधन होने पर सुभाषनगर स्थित आवास पर लोगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। दोपहर करीब तीन बजे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत उनके आवास पर पहुंचे।
विज्ञापन


उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री के साथ मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक हरबंस कपूर आदि ने उमेश अग्रवाल के पार्थिव शरीर को पार्टी के झंडे में लपेटा। इसके बाद अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। लक्खीबाग स्थित श्मशान घाट पर बड़े बेटे सिद्धार्थ अग्रवाल ने उन्हें मुखाग्नि दी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

केंद्रीय मंत्री निशंक ने जताया दुख 

भाजपा नेता उमेश अग्रवाल के निधन पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने उनके छोटे भाई दिनेश अग्रवाल को फोन कर सांत्वना दी। कहा कि उमेश अग्रवाल के निधन से पार्टी को बड़ी क्षति हुई है। पार्टी को मजबूत करने के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य हमेशा याद किए जाएंगे। भाजपा परिवार हमेशा उनके परिवार के साथ खड़ा रहेगा। 

अंतिम यात्रा में ये हुए शामिल 
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद अजय भट्ट, सांसद तीरथ सिंह रावत, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक हरबंस कपूर, विधायक विनोद चमोली, विधायक गणेश जोशी, विधायक खजान दास, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, विधायक उमेश शर्मा काऊ, भाजपा महानगर अध्यक्ष विनय गोयल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, सूर्यकांत धस्माना, लालचंद शर्मा, हीरा सिंह बिष्ट, दिनेश अग्रवाल, युवा नेता कुंवर जपिंदर, व्यापारी नेता अनिल गोयल, अधिवक्ता आरएस राघव, पार्षद सतीश कश्यप, अमिता सिंह, नीनू सहगल, महिपाल धीमान, व्यापारी नेता विपिन नागलिया, केंद्रीय मंत्री के विशेष कार्याधिकारी अजय बिष्ट, महेश पांडे, अनिल गर्ग, चंद्रगुप्त, राकेश ओबेरॉय, राजेंद्र प्रसाद गोयल, पुनीत मित्तल, देवेंद्र भसीन, राजीव उनियाल, सुनील मैसोन, राजेश रावत आदि। 

विधायक और मेयर की भी दौड़ में रहे 
उमेश अग्रवाल विधानसभा चुनाव में धर्मपुर सीट से भाजपा टिकट के दावेदार थे। हालांकि अंतिम समय में टिकट विनोद चमोली को दे दिया गया था। इसके अलावा वह मेयर की भी दौड़ में शामिल थे। लेकिन, पार्टी ने सुनील उनियाल गामा को मेयर का टिकट दिया। 

पूर्व मुख्यमंत्री खंडूड़ी के थे करीबी 
उमेश अग्रवाल पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी के बेहद करीबी और विश्वसनीय लोगों में शुमार थे। जब खंडूड़ी मुख्यमंत्री थे तब सियासत में अग्रवाल का अच्छा दबदबा था। इसके अलावा उन्हें व्यापारी नेता के रूप में भी जाना जाता था। वह दून उद्योग व्यापार मंडल के संरक्षक थे। वहीं, प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष भी रहे। इसके अलावा खंडूड़ी सरकार में वह गढ़वाल मंडल विकास निगम के अध्यक्ष भी रहे। भाजपा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी भी बने।

किसने क्या कहा...

पूर्व महानगर अध्यक्ष उमेश अग्रवाल का निधन पार्टी के लिए एक और असहनीय झटका है। वह पार्टी के प्रति बेहद समर्पित थे। व्यापारी नेता होने के कारण वह उनके मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे।
-त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री 

महानगर अध्यक्ष पद पर रहने के दौरान उन्होंने संगठन को बेहद मजबूत किया। वह हमेशा संगठन के लिए जीते थे। उन्होंने पार्टी के लिए हमेशा संकटमोचक की भूमिका निभाई। उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा।
- सुनील उनियाल गामा, मेयर 

उमेश अग्रवाल संघर्षशील, जुझारू और समर्पित नेता थे। जो काम पार्टी उन्हें देती थी, उसे वह जिद की तरह पूरा करते थे। यही बातें उन्हें खास बनाती है। उनके निधन से पार्टी को गहरा आघात पहुंचा है।
-विनय गोयल, महानगर 

उमेश अग्रवाल के साथ भाई का रिश्ता था। हम तीन दशकों से साथ थे। व्यापार मंडल और भाजपा दोनों से जुड़े रहे। उनके निधन की सूचना मिलने पर विश्वास नहीं हुआ। मेरे लिए यह व्यक्तिगत क्षति है। उनके असमय जाने का बेहद दुख है।
-अनिल गोयल, अध्यक्ष, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed