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अतीत की कडवाहट : ‘किशोर उपाध्याय न होता तो हरीश इतने बड़े नेता न होते’, भाजपा विधायक ने कहा- कांग्रेसियों की तरफ अब देखना नहीं चाहता
Wed, 23 Mar 2022 09:04 AM IST
रेनू सकलानी
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Wed, 23 Mar 2022 09:04 AM IST
सार
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा का दामन थामने वाले किशोर उपाध्याय ने अतीत की कड़वी यादों को याद करते हुए कांग्रेस पार्टी को सलाह दी। किशोर ने कहा कि अगर हरीश रावत को लोग इतने बड़े नेता के तौर पर देख रहे हैं तो उसके पीछे अगर कोई व्यक्ति है तो वह किशोर उपाध्याय ही है।
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हरीश रावत और किशोर उपाध्याय
- फोटो : AmarUjala
विस्तार
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान में टिहरी से भाजपा के विधायक किशोर उपाध्याय विधानसभा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जहां अपने अतीत से जुड़ीं बातें याद की तो साफ कह दिया कि अब कांग्रेस और कांग्रेसियों की तरफ वह मुड़कर भी नहीं देखना चाहते।
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किशोर उपाध्याय ने कहा कि वह इस बात की परवाह नहीं करते कि कांग्रेस के लोग उन्हें क्या बोल रहे हैं। कांग्रेस को इस वक्त चाहिए कि अपनी हालत पर विचार-विमर्श और समीक्षा करे। कहा कांग्रेस में जो वह करना चाहते थे, नहीं कर पाए, लेकिन बीजेपी ने उन्हें मौका दिया है। वह अब पांच साल जनता की सेवा करेंगे।
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हरीश रावत की हार और उनके राजनीतिक भविष्य पर बोलते हुए किशोर उपाध्याय ने कहा हरीश रावत बड़े नेता और उनके भाई हैं। उन्होंने कहा आज जो उनकी और पार्टी की हालत है, उस पर उन्हें सोचना और विचार करना चाहिए। कहा आज अगर हरीश रावत को लोग इतने बड़े नेता के तौर पर देख रहे हैं तो उसके पीछे अगर कोई व्यक्ति है तो वह किशोर उपाध्याय ही है।
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अगर किशोर उपाध्याय न होता तो हरीश रावत आज इतने बड़े नेता न होते। किशोर उपाध्याय ने कहा अब वह कांग्रेस और कांग्रेसियों की तरफ मुड़कर नहीं देखना चाहते हैं। एक बार जिस पन्ने को उन्होंने पलट दिया, दोबारा उस पन्ने को वे कभी पढ़ना नहीं चाहते हैं।