आयुर्वेद विवि भर्ती मामला: अब बीजेपी के पूर्व मंत्री की बहू को दे दी गई खातों की जिम्मेदारी
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उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के खातों की जिम्मेदारी बीजेपी के पूर्व राज्यमंत्री की बहू को दे दी गई है। उनकी फर्म अब विवि के अकाउंट का ऑडिट का काम देखेगी। दूसरी ओर, विवाद खड़ा होने के बाद बृहस्पतिवार को होने वाली एग्जाम इंचार्ज के साक्षात्कार रद्द कर दिए गए।
आयुर्वेद विवि में नई नियुक्तियों पर उठ रहे सवालों के क्रम में एक मामला और सामने आया है। विवि ने हाल ही में खातों व खरीद-फरोख्त आदि के ऑडिट के लिए नई फर्म को काम दिया है। इसे संयोग कहें या कुछ और, जिस फर्म को काम दिया गया है, उस फर्म की मालिक भाजपा के पूर्व राज्यमंत्री विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य की पत्नी हैं। पुलकित आर्य का नाम इससे पहले विवि की प्रवेश परीक्षा में नकल के मामले में उछला था। इसी प्रकार, विवि में योग प्रशिक्षक के पद पर शिवा चौधरी की भर्ती की गई है। जानकारी के मुताबिक, विवि में यह पद पहले से ही भरा हुआ है। इस पद पर योग की ब्रांड एंबेसेडर दिलराज प्रीत कौर कार्यरत हैं। उनके होने के बावजूद विवि में योग प्रशिक्षक का पद सृजित कर, योग प्रशिक्षक की नियुक्ति कर दी गई।
इंचार्ज एग्जामिनेशन के इंटरव्यू रद्द
आयुर्वेद विवि में विवाद पैदा होने के बाद इंचार्ज एग्जामिनेशन का बृहस्पतिवार को होने वाला साक्षात्कार रद्द कर दिया गया। दरअसल यह खबर फैल गई थी कि भाजपा के आनुषांगिक संगठन से जुड़े एक बड़े पदाधिकारी के रिश्तेदार को इस पद पर भर्ती करने की तैयारी पूरी कर ली गई थी।
विवि में मेरे बेटे की बहू को सीए की जिम्मेदारी मिलने की मुझे जानकारी नहीं है। मैं अपने बेटे से बात करके ही बता पाऊंगा। वह अलग रहता है।
- विनोद आर्य, पूर्व राज्यमंत्री, भाजपा
हमने जिन फर्मों को काम दिया है, उनमें से एक फर्म पुलकित आर्य की पत्नी की है। इसमें हमारा क्या दोष है। हमने नियमों के हिसाब से फर्मों का चयन किया है।
- डॉ. राजेश कुमार, प्रभारी कुलसचिव, आयुर्वेद विवि
भर्तियों पर शासन ने आयुर्वेद विवि कुलपति से मांगा जवाब
मंत्री के करीबियों को मनमाफिक नौकरी देने के मामले में शासन ने आयुर्वेद विवि कुलपति से जवाब तलब किया है। उन्होंने कुलपति से तीन दिन के भीतर पूरे मामले में रिपोर्ट मांगी है। आयुष सचिव ने साफ किया कि इस तरह की कोई भी भर्ती उनके संज्ञान में नहीं थी।
अमर उजाला में चार अक्तूबर के अंक में पृष्ठ तीन पर ‘यह कैसा संयोग, सिर्फ मंत्री के करीबी योग्य’ खबर प्रकाशित की गई थी। खबर का संज्ञान लेते हुए बृहस्पतिवार को आयुष सचिव आरके सुधांशु ने आयुर्वेद विवि के कुलपति प्रो. अभिमन्यु कुमार से जवाब तलब कर लिया। उन्होंने कुलपति से सभी पदों पर भर्ती की पूरी प्रक्रिया, भर्ती को बनी समिति, पदों के सृजित होने का स्टेटस, शासनादेश का उल्लंघन आदि मुद्दों पर जवाब मांगा है। तीन दिन के भीतर कुलपति को अपना जवाब शासन को भेजना होगा।
यह था मामला
दरअसल, आयुर्वेद विवि में इंजीनियर के पद पर भर्ती होने वाली आंचल रावत को आयुष मंत्री हरक सिंह रावत की रिश्तेदार बताया जा रहा है। इसी प्रकार, मेडिकल रिकॉर्ड टेक्नीशियन के पद पर भर्ती होने वाली पिंकी को आयुष मंत्री हरक सिंह रावत के पीआरओ नरेंद्र सेमवाल की पत्नी हैं। आरोप है कि भर्तियों का विज्ञापन समाचार पत्रों के बजाए केवल वेबसाइट पर जारी किया गया। शासन से जो चयन समिति बनी हुई है, उसके बजाय कुलपति ने अपने स्तर से ही समिति बना दीं। शासन की अनुमति के बिना तमाम पद बनाकर उन पर भर्तियां कर दी गईं। इन भर्तियों में विवि के एक्ट के साथ ही मुख्य सचिव के शासनादेश का उल्लंघन किया गया है।
आयुर्वेद विवि में हाल फिलहाल में कोई पद सृजित नहीं हुआ है। भर्तियां भी शासन के संज्ञान में नहीं थी। हमने कुलपति से सभी बिंदुओं पर जवाब मांगा है। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-आरके सुधांशु, सचिव, आयुष