फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Ayurved University convocation ceremony Governor Gurmit singh Attend Program

दीक्षा समारोह में बोले राज्यपाल: प्राकृतिक संपदा व धरोहर के रूप में योग, आयुर्वेद के साथ किया कुत्सित प्रयास

Tue, 25 Feb 2025 11:59 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 25 Feb 2025 11:59 PM IST
सार

समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने आयुर्वेद चिकित्सा को अनेक व्याधियों में कारगर बताया। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में विश्व को आयुर्वेद का महत्व अच्छी तरह समझ में आ गया है।

विज्ञापन
Uttarakhand Ayurved University convocation ceremony Governor Gurmit singh Attend Program
राज्यपाल गुरमीत सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राज्यपाल ले.ज. (रिटायर्ट) गुरमीत सिंह ने कहा कि पुरातन काल से ही समूचे ब्रह्मांड में जिस चिकित्सा पद्धति योग और आयुर्वेद से सबकुछ संभव है उसे दबाया गया। उन्होंने आयुर्वेद के चिकित्सकों और छात्र-छात्राओं से कहा कि समय है आज उन ताकतों से लड़ने का जिनकी दुनिया बहुत बड़ी हो चुकी है। राज्यपाल ने कहा कि कुछ ऐसा कर दो कि अब वही पूरी दुनिया कहे कि मेरे असाध्य रोग को ठीक कर दो वैद्यराज धनवंतरि, ऋषि चरक और पंतजलि के पुत्रो।

विज्ञापन


राज्यपाल गुरमीत सिंह मंगलवार को उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह में बोल रहे थे। ऋषिकुल आर्युवेद कॉलेज परिसर में आयोजित समारोह में उन्होंने यूजी और पीजी के 20 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल प्रदान किया।
विज्ञापन


Uttarakhand: गैरसैंण को मिला अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, अप्रैल से होगा संचालन
विज्ञापन
विज्ञापन


समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने आयुर्वेद चिकित्सा को अनेक व्याधियों में कारगर बताया। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में विश्व को आयुर्वेद का महत्व अच्छी तरह समझ में आ गया है। उनका कहना था कि पदक एवं डिग्री प्राप्त करने वाले स्नातकों का आत्मविश्वास आज स्पष्ट झलक रहा है। आयुर्वेद के स्नातक एवं परास्नातक को नौकरी ढूंढने की बजाय कुछ ऐसे कार्य एवं उद्योग स्थापित करने चाहिए, जिससे कि वह बहुत से लोगों को रोजगार दे सकें।



राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड में आयुर्वेद की वनस्पतियों का खजाना है, उसका उपयोग औषधि निर्माण में सब जगह किया जाता है। यह हमारे राज्य का देश एवं दुनिया को महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि समस्त विश्व इस समय जिन रोगों से ग्रस्त है, उनकी चिकित्सा के लिए वह आयुर्वेद की ओर आशा भरी निगाह से देख रहा है। इस स्थिति में आवश्यकता है कि आयुर्वेद के विद्वानों एवं चिकित्सकों को अनुसंधान प्रमाण एवं तथ्यों के आधार पर आयुर्वेद के विज्ञान को स्थापित करते हुए पीड़ित मानवता की सेवा के लिए कार्य करना चाहिए। राज्यपाल ने सभी चिकित्सकों से महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में यह शपथ लेने के लिए आग्रह किया कि आयुर्वेद के उत्थान एवं विकास के लिए वह अपनी जी जान से अथक प्रयत्न करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed