उत्तराखंड विधानसभा सत्र 2020: वर्चुअल नहीं होगा विस सत्र, विधायकों को दिखानी होगी कोविड निगेटिव रिपोर्ट
- विधायकों से बात करने के बाद विधानसभा ने लिया फैसला
- सारे सदस्य बैठेंगे विधानसभा में, ट्रेजरी बैंच और नेता प्रतिपक्ष, उपाध्यक्ष को विधानसभा मंडप में मिलेगी जगह
- बाकी के लिए ‘पहले आओ, पहले पाओ’, 107 नंबर कमरे में बैठे 30 सदस्य वर्चुअल कार्यवाही से जुुड़ेंगे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड में तीन दिन का विधानसभा सत्र इस बार वर्चुअल नहीं होगा। विधानसभा में ही सारे विधायकों के बैठने की व्यवस्था होगी। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने मंगलवार को विधानसभा निरीक्षण के बाद यह घोषणा की।
विधानसभा में मीडिया से मुखातिब स्पीकर ने कहा कि विधायकों से ऑनलाइन या वर्चुअल सत्र में शामिल होने के संदर्भ में राय मांगी गई थी। तीन दिन के सत्र को देखते हुए अधिकतर विधायकों ने ऑनलाइन सत्र से इनकार किया। इसी को देखते हुए इस बार ऑनलाइन सत्र नहीं किया जा रहा है।
इसी के साथ विधायकों का सिटिंग प्लान भी तय कर दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष के मुताबिक विधायकों से इस बार 72 घंटे तक की कोविड निगेटिव रिपोर्ट मांगी जाएगी। विधानसभा के मुख्य गेट पर रैपिड एंटीजन टेस्ट की व्यवस्था होगी। निगेटिव रिपोर्ट न होने पर वापस लौटा दिया जाएगा।
यह होगा इस बार का सिटिंग प्लान
- ट्रेजरी बैंच, नेता प्रतिपक्ष, उपाध्यक्ष सहित 29 विधायक सभा मंडप में सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए बैठेंगे। विपक्ष के कुल 11 सदस्य हैं, इनको भी सभा मंडप में ही जगह दी जाएगी। इसके अतिरिक्त दर्शक दीर्घा में 11 सदस्य एडजस्ट किए जाएंगे।
- विधानसभा में पंत भवन के 107 नंबर कमरे में 30 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी। ये विधायक वर्चुअल रूप से विधानसभा की कार्यवाही से जुुड़ेंगे। कमरा 107 को भी विधानसभा मंडप का ही हिस्सा घोषित किया गया है।
- विधानसभा अध्यक्ष के मुताबिक कमरा संख्या 107 में बैठने के लिए किसी भी विधायक को बाध्य नहीं किया जाएगा। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर विधायकों को जगह दी जा सकती है।
पहले कई विधायक जुड़े थे वर्चुअल
विधानसभा में 23 सितंबर के एक दिन के सत्र में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल सहित करीब 24 विधायक वर्चुअल जुड़े थे। इन लोगों ने ऑनलाइन अपने अनुभव को सही बताया था, लेकिन उस समय सत्र एक दिन का ही था।