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उत्तराखंड विस सत्र: हंगामे के बीच एससी-एसटी को लोक प्रतिनिधित्व में आरक्षण संशोधन विधेयक पारित

Tue, 07 Jan 2020 09:56 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 07 Jan 2020 09:56 PM IST
सार

  • कांग्रेस ने जताया एंग्लो इंडियन के लोक प्रतिनिधित्व आरक्षण समाप्त करने पर विरोध

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Uttarakhand Assembly special session: sc st reservation bill passed
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

अनुसूचित जाति और जनजाति को 10 प्रतिशत आरक्षण लाभ वर्ष 2030 तक दिए जाने वाले लोक प्रतिनिधित्व में आरक्षण संशोधन विधेयक को सरकार ने विधानसभा में पारित करवा लिया है। विधेयक के तहत एंग्लो इंडियन के लिए आरक्षण समाप्त करने का विपक्ष ने विरोध किया।

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सदन में मौजूद एंग्लो इंडियन विधायक ने अपना पक्ष रखा तो कांग्रेस भी समर्थन में खड़ी नजर आई। वहीं, एससी एसटी के मामले में सत्ता पक्ष को अपने ही विधायकों के सवालों का सामना करना पड़ा।
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करीब आधे घंटे की चर्चा के बाद सरकार को एससी एसटी के मामले में विपक्ष का साथ मिला, लेकिन एंग्लो इंडियन मामले में सदन बंटा हुआ नजर आया। हालांकि बाद में विधेयक सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसके बाद सत्र को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया।

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संविधान के 126 वें संशोधन विधेयक के तहत लोकसभा और राज्य की विधानसभाओं में अनुसूचित जाति और जनजाति की सीटों का आरक्षण 10 साल के लिए बढ़ाया जाना है। यह आरक्षण 25 जनवरी 2020 को समाप्त हो रहा है। इसी संशोधन विधेयक में एंग्लो इंडियन प्रतिनिधि के आरक्षण की व्यवस्था को नहीं बढ़ाया गया है।

मंगलवार को विधानसभा के विशेष सत्र में इस पर हुई चर्चा में संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने कहा कि देश में 20 करोड़ 13 लाख 78 हजार एससी और 10 करोड़ 45 लाख 716 एसटी के लोग हैं। केंद्र सरकार ने आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए संविधान में संशोधन किया है। आरक्षण संशोधन विधेयक को सदन सर्वसम्मति से केंद्र सरकार को धन्यवाद दे संकल्प का अनुसमर्थन करते हुए केंद्र को भेजेगा।

प्रतिपक्ष नेता इंदिरा हृदयेश ने कहा कि कहा कि ये संकल्प देश की संसद से पारित होकर राज्यों की विधानसभाओं में पहुंचा है। एससी, एसटी के लिए 10 वर्ष का समय बढ़ाया गया है, लेकिन यह लाभ एंग्लो इंडियन को नहीं दिया गया। एंग्लो इंडियन को भी अवसर दिया जा सकता था। वहीं, बैक लॉक के कई पद रिक्त हैं। इन पदों को भरा जा सके, इसके लिए इसमें शिथिलता लाई जानी चाहिए। 

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