गैरसैंण सत्र: अपनों के ही निशाने पर रहेगी सरकार, बागियों के सवाल करेंगे परेशान
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गैरसैंण (भराड़ीसैंण) विधान सभा सत्र की तैयारियों में जुटी सरकार अपनों के भी सवालों के निशाने पर रहेगी। विपक्षी सदस्यों के साथ सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जमकर सवाल पूछे हैं। विधान सभा सचिवालय में प्रश्नों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।
मंगलवार तक प्रश्नों की संख्या की 900 का आंकड़ा पार कर चुकी थी। 150 से ज्यादा याचिकाएं भी पहुंची है। बृहस्पतिवार को कैबिनेट की बैठक के बाद विधान सभा में लाए जाने वाले विधेयकों और अध्यादेशों की संख्या भी स्पष्ट हो जाएगी।
इस बैठक में आधार एक्ट को लेकर विधेयक भी लाया जा रहा है। संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत के मुताबिक, सवालों की संख्या एक हजार से अधिक हो सकती है। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त और तबादला विधेयक विधान सभा के पास हैं और शेष विधेयक भी कुछ दिन में पहुंच जाएंगे।
असहज कर सकते हैं अपनों के सवाल
सत्र के दौरान सरकार को विपक्ष के ही नहीं अपनों के सवाल भी असहज कर सकते हैं। त्रिवेंद्र कैबिनेट के उन मंत्रियों को सत्ता पक्ष के सदस्यों के सवालों का सामना करना पड़ सकता है, जो कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए।
सूत्रों की मानें तो सदस्यों द्वारा समाज कल्याण विभाग, लोक निर्माण विभाग, कृषि, परिवहन, उद्यानिकी, पर्यटन, सिंचाई, महिला एवं बाल कल्याण, पशुपालन, राजस्व विभाग से संबंधित प्रश्न बड़ी संख्या में पूछे गए हैं।
30 तक विस को पांच-पांच सेट देने हैं
विधायी विभाग ने सभी विभागों को पहले ही आदेश जारी कर दिए हैं कि वे सदन पटल पर रखी जाने वाली सामग्री के 150 सेट छह दिसंबर तक भराड़ीसैंण में विधान सभा सचिव के सुपुर्द करेंगे। लेकिन अब उन्हें 30 नवंबर तक देहरादून विधान सभा सचिवालय में प्रत्येक सामग्री के पांच-पांच सेट उपलब्ध कराने हैं।