Uttarakhand: विधानसभा भर्तियों की होगी जांच, सीएम ने दिए संकेत, एक-दूसरे की पोल खोलने में जुटी भाजपा-कांग्रेस
विधानसभा की भर्तियों की जांच होगी। सीएम पुष्कर सिंह धामी के भर्तियों की जांच को लेकर दिए बयान से हलचल बढ़ गई है। इसके बाद से ही भाजपा और कांग्रेस दोनों की एक-दूसरे की पोल खोलने में जुटी हुई हैं।
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विधानसभा में हुई भर्तियां जांच के घेरे में आ गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि वह सभी प्रकरणों की जांच के लिए विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध करेंगे। जांच में सरकार पूरा सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री ने भाजपा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि विधानसभा एक सांविधानिक संस्था है। यहां जिस तरह से भर्तियों में गड़बड़ी की शिकायतें आ रही हैं, वह चिंताजनक है। वह इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण से जांच का अनुरोध करेंगे। चाहे वह किसी भी कालखंड की भर्तियां हों, सभी की जांच का अनुरोध किया जाएगा। कहा कि अगर विधानसभा अध्यक्ष को किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी या सरकार की कहीं भी जरूरत होगी, तो उसमें पूर्ण सहयोग किया जाएगा।
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इस सप्ताह उत्तराखंड लौट सकती हैं विधानसभा अध्यक्ष
फिलहाल विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण कनाडा में हैं। वह राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के सम्मेलन में शामिल होने गई हैं। बताया जा रहा है कि सोमवार को सम्मेलन खत्म होने के बाद इसी सप्ताह वह देहरादून लौट आएंगी। उनके आने के बाद ही विधानसभा में हुई भर्तियों पर रुख स्पष्ट हो सकेगा।
राहुल की पोस्ट पर बोले, नहीं देना चाहते राजनीतिक मोड़
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से उत्तराखंड में भर्तियों के बारे में की गई टिप्पणी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इसे राजनीतिक मोड़ नहीं देना चाहते। उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि 2015 या 2016 में हुई पटवारी, वीपीडीओ, दरोगा भर्तियों की ही जांच की जाएगी। उनका मकसद यही है कि जितनी भी भर्तियां हैं, सबकी गड़बड़ियों की जांच की जाए।
विधानसभा भर्तियों पर भाजपा-कांग्रेस में पोल खोल की जंग
विधानसभा में भर्तियों पर अब भाजपा और कांग्रेस में पोल-खोल की होड़ मच गई है। पहले विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के कार्यकाल की 73 भर्तियों की सूची वायरल हुई। अब गोविंद सिंह कुंजवाल के कार्यकाल की 178 भर्तियों की सूची वायरल हो रही है।
प्रेमचंद अग्रवाल के कार्यकाल की वायरल सूची में कई बड़े नेताओं के परिचितों को विधानसभा में नौकरी देने की जानकारी शामिल है। इसके विरोध में कांग्रेस नेता विधानसभा पर प्रदर्शन भी कर चुके हैं। रविवार को कांग्रेस सरकार में विधानसभा अध्यक्ष रहे गोविंद सिंह कुंजवाल के कार्यकाल की सूची वायरल हुई।
भाजपा के नेताओं ने इस सूची को आधार बनाकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। इस सूची में कुंजवाल के बेटे, बहू सहित 13 नाते-रिश्तेदारों को भर्ती देने के साथ ही वह प्रार्थना पत्र भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें सीधे तदर्थ नियुक्ति के आदेश किए गए थे। दोनों दल एक-दूसरे की खिंचाई करने में लग गए हैं।