{"_id":"ed407b59333fab37d23f1b1380ea57c9","slug":"uttarakhand-assembly-passed-four-bill","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना चर्चा बीस मिनट में पारित हो गए चार बिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना चर्चा बीस मिनट में पारित हो गए चार बिल
अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 21 Feb 2014 01:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हंगामे के बीच गुरुवार को बीस मिनट तक चले सत्र में चार विधेयक पारित करवा सदन का कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
विज्ञापन
पॉलीहाउस सब्सिडी मामले में विपक्ष के हंगामे से सदन की कार्यवाही दोपहर पौने एक बजे शुरू हो पाई। विपक्ष अपने एजेंडे पर अड़ा रहा जिससे सदन में किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं हो पाई।
हैंड माइक से बोले अध्यक्ष
लगातार दो बार कार्यवाही स्थगित होने के बाद तीसरी बार जब विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल सदन में पहुंचे तो विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष वेल में नारेबाजी करने लगा तो मार्शल अध्यक्ष के लिए हैंड माइक लेकर आ गए, जिससे साफ हो गया कि सरकार बचा हुआ कामकाज निपटाने की तैयारी में है।
विज्ञापन
बिना चर्चा पारित हुए विधेयक
अध्यक्ष ने एक सिरे से गुरुवार को निर्धारित विधानसभा की कार्यसूची को पढ़ना शुरू किया। कुल 20 मिनट में कैग के उत्तराखंड सरकार के 2012-13 के वित्त लेखे एवं विनियोग को पटल में रखने के साथ चार विधेयक पारित कर दिए गए।
विज्ञापन
न तो विधेयकों पर चर्चा हो पाई न ही नियम 58 और 310 के तहत चर्चा के प्रस्ताव रखे जा सके। इसके बाद सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
पीसीसीएफ की तैनाती जल्द हो
सरकार के कामकाज निपटाने की जल्दबाजी के बीच विधायक कुंवर प्रणव ने सदन में व्यवस्था के प्रश्न के तहत वन महकमे में पीसीसीएफ के रिक्त पड़े पद को भरने की पीठ से मांग की। प्रणव ने कहा कि 31 जनवरी से पद रिक्त है ऐसे में अध्यक्ष से तीन दिन के भीतर डीपीसी करवाने की मांग रखी।