उत्तराखंड विस सत्र: भाजपा विधायक मंडल दल की बैठक में बनी रणनीति, ऐसे हो तैयारी की विपक्ष पर पड़े भारी
बैठक में देवस्थानम, भू कानून, कुंभ मेले में कोविड जांच में फर्जीवाड़ा, रोजगार और महंगाई सरीखे मुद्दों पर पलटवार की रूपरेखा तैयार हुई।
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उत्तराखंड में सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र में सत्ता पक्ष ने सदन के भीतर और बाहर की रणनीति पर मंथन किया। मुख्यमंत्री आवास पर सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी सदस्यों से पूरी तैयारी के साथ सदन में आने की अपेक्षा की गई।
उत्तराखंड विस सत्र: सत्ता पक्ष को घेरने की कांग्रेस ने बनाई मजबूत रणनीति, इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी
देवस्थानम, भू कानून, कुंभ मेले में कोविड जांच में फर्जीवाड़ा, रोजगार और महंगाई सरीखे मुद्दों पर पलटवार की रूपरेखा तैयार हुई। मुख्यमंत्री ने सदस्यों का आह्वान किया कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र के मसलों पर चर्चा करने के साथ ही सदन के माध्यम से राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और फैसलों की जानकारी भी प्रदेश की जनता को दें। विपक्ष के हमलों का जवाब सरकार की उपलब्धियों से देने पर जोर दिया गया। सदस्यों से यह अपेक्षा भी की गई कि सदन के भीतर वे कोई ऐसा मसला न उठाएं, जो विपक्षी हमलों के लिए उत्प्रेरक का काम करे।
पार्टी के विधायक मंत्रियों पर होने वाले विपक्षी हमलों में ढाल बनें। बैठक में विपक्ष के द्वारा सदन में उठाए जाने वाले संभावित मुद्दों पर विचार हुआ और इन्हें नाकाम करने की रणनीति बनीं। बैठक में संसदीय कार्यमंत्री बंशीधर भगत, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ. हरक सिंह रावत, यशपाल आर्य, सुबोध उनियाल, डॉ. धनसिंह रावत, बिशन सिंह चुफाल समेत पार्टी के कई विधायक थे।
भाजपा अध्यक्ष के सामने छलका एक मंत्री का दर्द
भारतीय जनता पार्टी की कोर ग्रुप की बैठक में कांग्रेस से भाजपा में शामिल होकर मंत्री बने एक वरिष्ठ नेता का दर्द छलक गया। उन्होंने कहा कि भले ही वह पार्टी के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं लेकिन उन्हें आज भी बाहरी की नजर से ही देखा जाता है।
दरअसल, 2016 में कांग्रेस से कुछ नेता भाजपा में शामिल हुए थे। यहां चुनाव जीतने के बाद भाजपा सरकार में मंत्री भी बन गए। तमाम ऐसे मौके सामने आते रहते हैं, जब इन पूर्व कांग्रेसी नेताओं को भाजपा में परायापन महसूस होता है। सूत्रों की मानें तो शनिवार को हुई भाजपा की कोर ग्रुप की बैठक में भी ऐसा ही मामला सामने आया।
एक वरिष्ठ मंत्री ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को अपना दर्द सुनाया। उन्होंने कहा कि आज भी पार्टी में उन्हें बाहरी की नजर से देखा जाता है। यह सुनकर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष काफी नाराज हो गए। उन्होंने पार्टी के नेताओं को सख्त हिदायत दी कि दोबारा उन्हें इस तरह की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।