उत्तराखंड विस सत्र: महंगाई के मुद्दे पर विपक्ष का सदन से वॉकआउट, कहा- युवाओं से पकौड़े बनाने का अधिकार भी छीन लिया
नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह नियम-58 में कार्यस्थगन के अंतर्गत महंगाई का मुद्दा लेकर आए। उन्होंने कहा कि महंगाई को रोकने में सरकार बुरी तरह विफल हो गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड विधानसभा के मानसून सत्र में बृहस्पवितार को विपक्ष ने महंगाई के मुद्दे पर सरकार से ठोस जवाब न मिलने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। हालांकि सत्ता पक्ष का कहना है कि प्रदेश में महंगाई पूर्ण नियंत्रण में है।
बृहस्पतिवार को भोजनावकाश के बाद नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह नियम-58 में कार्यस्थगन के अंतर्गत महंगाई का मुद्दा लेकर आए। उन्होंने कहा कि महंगाई को रोकने में सरकार बुरी तरह विफल हो गई है। उन्होंने कहा कि महंगाई पर तरह-तरह के नारे देकर भाजपा ने जनता को सब्जबाग दिखाया था। 2017 में वादा किया था कि डबल इंजन की सरकार आएगी तो महंगाई कम होगी। जिस गाड़ी में आगे और पीछे के इंजन हो और दोनों स्टार्ट हो जाएं तो गाड़ी वहीं अटक जाएगी। इसी वजह से सत्ता की गाड़ी अटक गई। उन्होंने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 132 डॉलर प्रति बैरल थी लेकिन पेट्रोल-डीजल की कीमतें नियंत्रित थीं।
जब भाजपा की सरकार आई तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 32 डॉलर तक पहुंची लेकिन पेट्रोल 100 रुपये और डीजल 95 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। इसी प्रकार, खाद्य तेलों, बिजली, गैस, रोडवेज बसों में भी महंगाई साफ नजर आ रही है। जो चीनी यूपीए सरकार में 13.6 रुपये प्रति किलो थी, वह आज 40 रुपये प्रति किलो बिक रही है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की।
मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन ने भी महंगाई पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हीरे पर आज 0.25 प्रतिशत जीएसटी है जबकि ऑक्सीजन पर 12.5 प्रतिशत जीएसटी वसूल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले साल और इस साल केंद्रीय वित्त मंत्री ने जो लाखों करोड़ रुपये के पैकेज घोषित किए हैं, उनसे उत्तराखंड के हिस्से में क्या आया है। विपक्ष के विधायक ममता राकेश, करन माहरा, राजकुुमार आदि ने भी महंगाई पर सत्ता पक्ष की विफलता का आरोप लगाया।
जवाब में संसदीय कार्यमंत्री बंशीधर भगत पूरे आत्मविश्वास में नजर आए। उन्होंने कहा कि विपक्ष में बैठे लोगों के लिए महंगाई हमेशा मुद्दा रही है। अगर हम दूसरे राज्यों से ही तुलना करें तो हमारे प्रदेश में पेट्रोल 99.74 रुपये प्रति लीटर है लेकिन राजस्थान में यह 108 रुपये प्रति लीटर तक है।
उन्होंने कहा कि बिजली भी हमारे प्रदेश में हिमाचल, दिल्ली, यूपी सहित कई राज्यों के मुकाबले सबसे सस्ती है। कहा कि महंगाई को हमारी सरकार ने नियंत्रित किया है। बीपीएल परिवारों को बिजली दो रुपये पांच पैसे प्रति यूनिट दी जा रही है जबकि दिल्ली सहित अन्य राज्यों में यह काफी महंगी है।
किसानों को सब्सिडी दी जा रही है। किसान भी खुश हैं। विपक्ष ने कहा कि 19 किसानों ने आत्महत्या की है तो इसके जवाब में मंत्री बंशीधर भगत ने कहा कि यह उनकी पूर्ववर्ती सरकार की विफलता है। सत्ता पक्ष के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
पकौड़े बनाने का अधिकार भी छीन लिया
महंगाई पर बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने तंज किया कि जिस सरकार ने कभी रेलवे स्टेशन के बाहर पकौड़े बनाने वाले युवाओं को स्वरोजगार की परिभाषा में शामिल किया था, आज उन्हें पकौड़े बनाने के लायक भी नहीं छोड़ा। तेल, गैस, आलू, प्याज, मसालों के दाम इतने बढ़ गए हैं कि वह युवा आज बेरोजगारी की कगार पर हैं।
बाबा का जिक्र करने पर विरोध में उतरी भाजपा
नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने हरिद्वार के एक बाबा का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि जो बाबा कभी कहते थे कि काला धन आएगा, पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा, आज वह कहां गायब हो गए हैं। हालांकि उन्होंने बाबा का नाम नहीं लिया लेकिन भाजपा ने इस पर विरोध जतायस्त्रत्त। भाजपा विधायकों का कहना था कि कांग्रेस ने बाबाओं का अपमान किया है।