उत्तराखंड विस मानसून सत्र 2020: 23 सितंबर को केवल एक दिन का होगा सत्र, नहीं होगा प्रश्नकाल
- करीब 18 अध्यादेश, विधेयक पास कराएगी सरकार
- प्रश्नकाल चढ़ा कोरोना की भेंट, शून्यकाल में कार्य स्थगन के प्रस्ताव किए जाएंगे स्वीकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड में मानसून सत्र आखिरकार कोरोना की चपेट में आ ही गया। अब सिर्फ एक दिन का ही विधानसभा सत्र होगा। इसमें सरकार अध्यादेश और विधेयक लेकर आएगी और उसी दिन उन्हें पास भी कराएगी। प्रश्नकाल नहीं होगा। शून्यकाल में प्रश्नों के जवाब दिए जाएंगे और कार्य स्थगन के प्रस्ताव स्वीकार किए जाएंगे।
वैैसे तो सरकार ने कुछ दिन पहले ही एक दिन के सत्र का फैसला कर लिया था। विधानसभा में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक से ठीक पहले विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद यह सरकार की मजबूरी भी बन गया। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश पहले ही कोरोना पॉजिटिव होने के कारण सदन से बाहर हो गईं हैं।
यह भी पढ़ें: Coronavirus in Uttarakhand: विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल की कोविड एंटीजन रिपोर्ट आई पॉजिटिव
स्पीकर की अनुपस्थिति में अब उपसभापति रघुनाथ सिंह चौहान विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे। कार्यमंत्रणा समिति की रविवार को हुई बैठक की अध्यक्षता भी उन्होंने की। संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने स्पष्ट किया कि कोरोना के कारण हाउस को लंबा नहीं खींचा जा सकता।
सत्र एक ही दिन का होगा। कार्यस्थन के प्रस्ताव आएंगे। प्रश्नकाल नहीं होगा और कार्यमंत्रणा समिति के सामने अभी करीब दस अध्यादेश और दो विधेयक रखे गए हैं। करीब आठ अध्यादेश और लाए जा सकते हैं। भोजन अवकाश से पहले अध्यादेश और विधेयक सदन के पटल पर रखे जाएंगे और भोजन अवकाश के बाद इन्हें पारित किया जाएगा।
विपक्ष ने जताया विरोध, हाउस बढ़ाने की मांग
कार्यमंत्रणा समिति की बैठक के बाद एक दिन के सत्र का कांग्रेस ने विरोध किया। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल और उपनेता सदन करन माहरा ने कहा कि सदन अगर एक दिन का हो सकता है तो तीन दिन का भी हो सकता था। मुद्दों की भरमार है और सरकार चर्चा से बचना चाह रही है। कांग्रेस सदन में चार मुख्य बिंदुओं पर सदन का सारा काम रुकवाकर चर्चा की मांग करेगी।
ये मुद्दे होंगे विपक्ष के तरकश में
महंगाई, बेरोजगारी, कोरोना संकट और कोरोना काल में प्राकृतिक आपदा। इन मुद्दों पर कांग्रेस कार्य स्थगन प्रस्ताव लेकर आएगी। इसके अलावा कानून-व्यवस्था के तहत कांग्रेस ने विधायक महेश नेगी के प्रकरण को भी सदन में उठाना तय किया है।
स्पीकर और नेता प्रतिपक्ष नहीं होंगे सत्र में
शायद यह पहली बार होगा कि सदन में विधानसभा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष की गैर मौजूदगी होगी। स्पीकर का काम उपसभापति रघुनाथ सिंह चौहान देखेंगे और नेता प्रतिपक्ष की भूमिका कांग्रेस के उप नेता करण माहरा के कंधों पर होगी।
सोमवार को होंगे विधायकों और मंत्रियों के कोविड टेस्ट
मंत्रियों और विधायकों के कोविड टेस्ट आज सोमवार को होंगे। इसके बाद ही सदन में उपस्थित होने वाले सदस्यों की संख्या स्पष्ट हो पाएगी। मंत्रियों के आरटीपीसीआर टेस्ट उनके सरकारी आवासों पर और विधायकों के टेस्ट विधायक आवास में होंगे।
सत्र की वर्चुअल व्यवस्था पूरी, वीडियो ऑडियो टेस्टिंग सफल
विधानसभा सत्र के लिए बनाई गई वर्चुअल व्यवस्था की रविवार को टेस्टिंग की गई। डिप्टी स्पीकर रघुनाथ सिंह चौहान ने विधानसभा से अल्मोड़ा, उत्तरकाशी और नैनीताल के राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) से वीडियो और ऑडियो कनेक्टिविटी का परीक्षण किया जो सफल रहा।
अब विधानसभा को सदस्यों की वर्चुअल जुड़ने के लिए सहमति का इंतजार है। डिप्टी स्पीकर ने स्पष्ट कर दिया है कि जो सदस्य वर्चुअल भागीदारी करेंगे, उनकी सत्र में उपस्थिति मानी जाएगी। कोविड-19 महामारी से उपजे असामान्य हालातों के देखते हुए विधानसभा को यह प्रावधान करना पड़ा है।
जानकारी के अनुसार, विधानसभा के पास अभी केवल बागेश्वर के भाजपा विधायक चंदनराम दास ने सत्र में वर्चुअल भागीदारी करने की सहमति दी है। विधानसभा के कार्यकारी सचिव मुकेश कुमार सिंघल ने इसकी पुष्टि की है।
विधानसभा को उम्मीद है कि सोमवार तक अल्मोड़ा, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, नैनीताल जिले से भी विधायकों की वर्चुअल जुड़ने की सहमति प्राप्त हो सकती है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत की ओर से भी पार्टी के उम्र दराज विधायकों से अपील की गई है कि वे सत्र में वर्चुअल भागीदारी करें। इधर, सूत्रों से पता चला है कि कई विधायक वर्चुअल भागीदारी को लेकर विधानसभा के अधिकारियों से संपर्क में हैं और सोमवार तक अपनी सहमति दे सकते हैं।
हॉल में बैठने वाले सदस्य वर्चुअल माने जाएंगे
विधानसभा के एक दिन के सत्र के लिए सिटिंग प्लान लगभग तय हो गया है। इसके अनुसार, 30 विधायक सभा मंडल में बैठेंगे। 10 विधायकों को दर्शक व पत्रकार दीर्घा वाले कक्षों में बैठाया जाएगा। बाकी 31 विधायकों की बैठने की व्यवस्था हॉल में होगी। हॉल में बैठने वाले सभी विस सदस्य सत्र में वर्चुअल भागीदारी करेंगे।
- डिप्टी स्पीकर ने सत्र की वर्चुअल व्यवस्था का परीक्षण किया है। वीडियो और वायस टेस्टिंग सफल रही है। डिप्टी स्पीकर ने खुद अल्मोड़ा, नैनीताल और उत्तरकाशी एनआईसी में बात करके इसे परखा है।
- मुकेश कुमार सिंघल, कार्यकारी सचिव, विधानसभा