उत्तराखंड विधानसभा प्रथम सत्र: राज्यपाल के अभिभाषण से हुआ आगाज, लोकतंत्र की हत्या बताकर विपक्ष के वॉकआउट के साथ सदन स्थगित
मंगलवार को उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा के प्रथम सत्र का आगाज राज्यपाल के अभिभाषण से हुआ और लोकतंत्र की हत्या बताकर विपक्ष के वॉकआउट के साथ सदन स्थगित हो गया।
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उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा का प्रथम सत्र मंगलवार को शुरू हुआ। राज्यपाल के अभिभाषण से सत्र का आगाज हुआ। अभिभाषण में राज्याल ने सरकार के विकास कार्यों का ब्योरा पेश करने के साथ ही भविष्य के लिए प्रस्तावित योजनाओं की तस्वीर भी दिखाई।
मंगलवार को उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा के प्रथम सत्र आगाज राज्यपाल के अभिभाषण से हुआ। वहीं लोकतंत्र की हत्या बताकर विपक्ष के वॉकआउट के साथ सदन स्थगित हो गया। अब बुधवार सुबह 11 बजे सदन शुरू होगा। सुबह 11 बजे शुरू हुए सत्र में राज्यपाल ने अभिभाषण में नए लक्ष्यों का संकल्प दोहराया। सदन में पहुंचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को पहले विधानसभा सत्र की शुभकामनाएं दी। इसके बाद उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर प्रदेश को आगे बढ़ाएंगे।
राज्यपाल ने अभिभाषण में बताया कि प्रदेश में हिम प्रहरी योजना के तहत भूतपूर्व सैनिकों और युवाओं को अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकटवर्ती जिलों में बचने के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की तर्ज पर प्रदेश में मुख्यमंत्री किसान प्रोत्साहन निधि की शुरुआत की जाएगी। महिला स्वयं सहायता समूह की व्यावसायिक पहल को सहायता प्रदान करने के लिए एक विशेष कोष गठित किया जाएगा।
महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर विपक्ष के तीखे तेवर
इसके अलावा राज्यपाल ने सरकार की भविष्य की सभी महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उत्तराखंड का राज्यपाल बनने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह का यह पहला अभिभाषण था। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सरकार नए वित्तीय वर्ष के पहले चार माह के लिए लगभग 21 हजार करोड़ रुपये का लेखानुदान पेश किया। वहीं राज्यपाल का अभिभाषण शुरू होते ही विपक्ष ने सदन में महंगाई के विरोध में बैनर दिखाने शुरू किए। विपक्ष ने सत्र के दौरान महंगाई, बेरोजगारी जैसे विषयों पर सरकार को घेरने को तैयारी रही।
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कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ को दिलाई शपथ
विस अध्यक्ष रितु भूषण खंडूरी ने कहा कि मेरा प्रयास जनता की आशाओं और अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए लोकतांत्रिक संस्था को सशक्त बनाना होगा। नीतियों और कानून के निर्माण तथा जनहित से जुड़े विषयों के लिए सदन को व्यापक चर्चा का केंद्र बनाकर ही हम कार्यपालिका पर नियंत्रण रखते हुए जनकल्याण कर सकते हैं। इससे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रितु भूषण खंडूरी ने विधानसभा भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में कांग्रेस के किच्छा विधानसभा से विधायक तिलकराज बेहड़ को विधानसभा सदस्य के रुप में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। कांग्रेस के विधायक तिलकराज बेहड़ स्वास्थ्य खराब होने के कारण सदन में शपथ नहीं ले पाए थे| आज सत्र के पहले दिन सदन में प्रवेश करने से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हे अपने कार्यालय कक्ष में शपथ दिलाई| इस दौरान कांग्रेस के पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, विधायक सुमित हृदयेश, भुवन कापड़ी मौजूद रहे।