फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Assembly Election 2022: tharali seat ground report

उत्तराखंड विस सीट परिचय: थराली के बंजर खेतों में क्या फिर आयेगी फसलों  की खुशबू?

Mon, 24 Jan 2022 02:31 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal संवाद न्यूज एजेंसी, थराली
संवाद न्यूज एजेंसी, थराली Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 24 Jan 2022 02:31 PM IST
सार

जब खेतों में जानवरों ने बर्बादी शुरू कर दी तो अधिकांश लोग यहां से रोजगार की तलाश में मुंबई, दिल्ली और देहरादून चले गये हैं।

विज्ञापन
Uttarakhand Assembly Election 2022: tharali seat ground report
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

जंगली जानवरों के आतंक से थराली के ग्रामीणों ने खेतों में मेहनत करना छोड़ दिया है, जिससे बड़े-बड़े खेत बंजर हो चुके हैं और खेतों में अब बंदर और लंगूर दिन में तो जंगली सुअर, बारसिंघा रात में अठखेलियां करते नजर आते हैं। जब खेतों में जानवरों ने बर्बादी शुरू कर दी तो अधिकांश लोग यहां से रोजगार की तलाश में मुंबई, दिल्ली और देहरादून चले गये हैं।

विज्ञापन


कभी कुलसारी के प्याज की खेती और सोल पटटी की आलू की फसल पूरे उत्त्राखंड में प्रसिद्ध थी, लेकिन जब किसानों की खून पसीने की गाढ़ी कमाई को जंगली जानवरों ने बर्बाद करना शुरू किया तो अब ये किसान भी घर-बार छोड़ने को मजबूर हैं। राज्य गठन के बाद पिंडर घाटी में विकास की किरण दूर ही नजर आ रही है। न सड़कें ही ठीक हैं और न अस्पताल में डाक्टर हैं, स्कूलों में शिक्षकों की कमी के चलते अभिभावक अपने नौनिहालों को शहरों में भेजने को मजबूर हैं। 
विज्ञापन


थराली विधानसभा के प्रमुख मुददे
- जंगली जानवरों से खेती को भारी नुकसान आपदा का दंश झेलने को मजबूर
- सीमांत क्षेत्र होने के चलते सरकारों ने विकास पर नहीं दिया ध्यान 
- पूरे विधानसभा थराली में एकमात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बना रैफरल सेंटर
- न एक्से की सुविधा और न अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी सुविधाओं का अभाव 
- भालू की गुलदार के बढ़ते हमले से लोग गांव छोड़ने को मजबूर 
- विधानसभा थराली की लाइफ लाइन कहीं जाने वाली थराली-देवाल-वाण मोटर मार्ग बदहाल 
- देवाल और नारायणबगड़ महाविद्यालय बिना शिक्षकों के 
- देवाल और नारायणबगड़ तहसील बिना स्टाफ के केवल नाम के 
- पर्यटक स्थल ग्वालदम में सुविधाओं को अभाव 

मतदाता
कुल मतदाता- 102707
पुरूष- 52867
महिला- 49840

बीस हजार जनसंख्या को स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बना सीएचसी थराली में आज तक कोई भी विशेषज्ञ डाक्टर की तैनाती नहीं हुई है। लोगों को आज आज भी श्रीनगर, हल्द्वानी और देहरादून जाना पड़ता है। नई सरकार आने के बाद सबसे पहले यहां पर महिला रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और एक सर्जन की नियुक्ति करनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

- प्रेम बल्लभ देवराड़ी सामाजिक कार्यकर्ता

जब से पीएमजीएसवाई की सड़कें बनी हैं अभी तक उनका सुधारीकरण नहीं हो पाया है डामर पूरी तरह उखड़ चुका है और सड़के गड्ढों में तब्दील हो गयी हैं। एक बार उनका पुर्ननिर्माण और डामरीकरण सरकार की प्राथमिकता में होना चाहिए।
-राजेंद्र गड़िया

थराली की सबसे बड़ी समस्या यहां पर लगातार गुल होती बिजली है। हल्की सी बारिश हो या हवा यहां पर घंटों बिजली गुल रहती है, जिससे बिजली से संचालित लघु उद्योग बंद होने के कगार पर हैं।

-बिजेंद्र सिंह पूर्व प्रधान

उच्च शिक्षा को लेकर एक विधानसभा में हालांकि तीन महाविद्यालय खोल दिये गये हैं लेकिन बिना स्थाई शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों के यहां के छात्रों को बाहर जाना पड़ता है इसलिए जरूरी है कि महाविद्यालयों में सभी जरूरी सुविधायें उपलब्ध कराई जाय।
-प्रेमबल्लभ शर्मा सामाजिक कार्यकर्ता 

अब तक के विधायक
गोविंद लाल शाह 2002 से 2012 दो बार भाजपा
जीत राम 2012 से 2017 कांग्रेस 
मगन लाल शाह 2017 से 2018 में  2018 में भाजपा 
2018 से 2022 मुन्नी देवी शाह भाजपा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed