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उत्तराखंड चुनाव 2022: पोलिंग पार्टियों को सात हजार बूथों की दूरी नापनी पड़ेगी पैदल, बर्फबारी की चुनौती भी
Wed, 09 Feb 2022 11:42 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 09 Feb 2022 11:42 AM IST
सार
बदरीनाथ सीट के डुमक बूथ तक पोलिंग पार्टियों को 20 किलोमीटर पैदल यात्रा करनी होगी। उत्तरकाशी जिले का मौंडा स्थित बूथ जिला मुख्यालय से सबसे ज्यादा 256 किमी दूर है।
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
प्रदेश के आधे से ज्यादा बूथों तक पोलिंग पार्टियों को पैदल दूरी नापनी पड़ेगी। इस बार कुल 11,647 बूथों में से केवल 4504 बूथ ही ऐसे हैं, जहां पैदल यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। वहीं, उत्तरकाशी जिले में मौंडा का बूथ जिला मुख्यालय से 256 किलोमीटर दूर है।
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि इस बार कुल 11647 बूथों पर मतदान होगा। इनमें 4504 बूथ ऐसे हैं, जहां पोलिंग पार्टियों को पैदल यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। पांच हजार 43 बूथ ऐसे हैं, जहां पोलिंग पार्टियों को एक किलोमीटर तक पैदल चलना होगा।
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इसके अलावा 845 बूथों पर एक से दो किलोमीटर, 508 बूथों पर दो से तीन किलोमीटर, 290 बूथों पर तीन से चार किलोमीटर, 195 बूथों पर चार से पांच किलोमीटर, 106 बूथों पर पांच से छह किलोमीटर, 38 बूथों पर छह से सात किलोमीटर, 51 बूथों पर सात से आठ किलोमीटर, 12 बूथों पर आठ से नौ किलोमीटर, 22 बूथों पर नौ से 10 किलोमीटर, आठ बूथों पर 10 से 11 किलोमीटर, पांच बूथों पर 11 से 12 किलोमीटर, तीन बूथों पर 12 से 13 किलोमीटर, तीन बूथों पर 13 से 14 किलोमीटर, पांच बूथों पर 14 से 15 किलोमीटर और नौ बूथों पर 15 से 20 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ेगी।
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यह हैं प्रदेश के सबसे ज्यादा पैदल दूरी वाले बूथ
-बदरीनाथ विधानसभा के अंतर्गत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डुमक का पोलिंग बूथ पैदल यात्रा के लिए सबसे दूर पड़ेगा। यहां पहुंचने के लिए पहले गोपेश्वर से 55 किलोमीटर सड़क मार्ग से जाने के बाद 20 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचना होगा।
-धारचूला विधानसभा के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय कनार तक पहुंचने के लिए पोलिंग पार्टियों को पहले पिथौरागढ़ से 80 किलोमीटर सड़क मार्ग से जाना होगा। इसके बाद 18 किलोमीटर पैदल दूरी तय करनी होगी।
-पुरोला विधानसभा के अंतर्गत राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कलाप तक जाने के लिए पोलिंग पार्टियों को पहले उत्तरकाशी से 80 किलोमीटर सड़क मार्ग से जाना होगा। इसके बाद 13 किलोमीटर की चढ़ाई पैदल पार करनी होगी।
यह हैं जिला मुख्यालय से सबसे दूर के पोलिंग बूथ
-चकराता सीट के तहत राजकीय प्राथमिक विद्यालय डांगूठा के बूथ की दूरी जिला मुख्याल से 250 किलोमीटर है।
-राजकीय प्राथमिक विद्यालय ओसला की उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से दूरी 200 किलोमीटर है, जिसमें 14 किलोमीटर पैदल मार्ग भी शामिल है।
-राजकीय प्राथमिक विद्यालय मौंडा की दूरी उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से 256 किलोमीटर है।
प्रदेश में 766 बूथों पर बर्फबारी की चुनौती
प्रदेश में 766 ऐसे बूथ हैं, जिन पर इस चुनाव में बर्फबारी की चुनौती से पेश आना होगा। इनमें उत्तरकाशी के 113, चमोली के 107, रुद्रप्रयाग के 43, टिहरी गढ़वाल के 73, देहरादून के 65, पिथौरागढ़ के 31, बागेश्वर के 37, अल्मोड़ा के 84, चंपावत के 85, नैनीताल के 128 बूथ शामिल हैं। हरिद्वार, पौड़ी और ऊधमसिंह नगर का एक भी बूथ बर्फबारी वाला नहीं है।
सर्दियों में पलायन करने वालों के लिए 24 बूथ
सर्दियों में पहाड़ के कई इलाकों से लोग पलायन कर जाते हैं। इन लोगों के लिए 24 बूथ पलायन वाली जगहों पर बनाए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या के मुताबिक, इनमें माइग्रेट बूथों में उत्तरकाशी का एक, चमोली के नौ और पिथौरागढ़ के 14 बूथ शामिल हैं। आपको बता दें कि इस बार 59 सहायक बूथ भी बनाए गए हैं ताकि चुनाव आयोग के एक बूथ पर निर्धारित संख्या के तहत मतदान कराया जा सके।
-राजकीय प्राथमिक विद्यालय ओसला की उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से दूरी 200 किलोमीटर है, जिसमें 14 किलोमीटर पैदल मार्ग भी शामिल है।
-राजकीय प्राथमिक विद्यालय मौंडा की दूरी उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से 256 किलोमीटर है।
प्रदेश में 766 बूथों पर बर्फबारी की चुनौती
प्रदेश में 766 ऐसे बूथ हैं, जिन पर इस चुनाव में बर्फबारी की चुनौती से पेश आना होगा। इनमें उत्तरकाशी के 113, चमोली के 107, रुद्रप्रयाग के 43, टिहरी गढ़वाल के 73, देहरादून के 65, पिथौरागढ़ के 31, बागेश्वर के 37, अल्मोड़ा के 84, चंपावत के 85, नैनीताल के 128 बूथ शामिल हैं। हरिद्वार, पौड़ी और ऊधमसिंह नगर का एक भी बूथ बर्फबारी वाला नहीं है।
सर्दियों में पलायन करने वालों के लिए 24 बूथ
सर्दियों में पहाड़ के कई इलाकों से लोग पलायन कर जाते हैं। इन लोगों के लिए 24 बूथ पलायन वाली जगहों पर बनाए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या के मुताबिक, इनमें माइग्रेट बूथों में उत्तरकाशी का एक, चमोली के नौ और पिथौरागढ़ के 14 बूथ शामिल हैं। आपको बता दें कि इस बार 59 सहायक बूथ भी बनाए गए हैं ताकि चुनाव आयोग के एक बूथ पर निर्धारित संख्या के तहत मतदान कराया जा सके।