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उत्तराखंड: शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय और तीन विधायकों समेत 16 के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

Thu, 15 Oct 2020 10:47 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काशीपुर(ऊधमसिंह नगर)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काशीपुर(ऊधमसिंह नगर) Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 15 Oct 2020 10:47 PM IST
सार

  • जसपुर में जाम लगाने और धार्मिक विद्वेष फैलाने के आरोप में हैं नामजद 

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Uttarakhand: Arrest warrant issued against 16 including Education Minister and three MLAs
शिक्षा मंत्री अरविंद पाण्डेय - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड के जसपुर में जाम लगाकर लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत करने के मुकदमे में सिविल जज (सी.डि)/ एसीजेएम की अदालत ने शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय समेत चार विधायकों और 12 अन्य के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। अक्तूबर 2019 में कोर्ट ने सरकार की ओर से मुकदमा वापसी के लिए दाखिल प्रार्थना पत्र सुनवाई के बाद खारिज कर दिया था। मामले में सुनवाई के लिए 23 अक्तूबर की तिथि नियत की गई है। 

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जून 2012 में जसपुर में एक युवती को दूसरे समुदाय का युवक भगा ले गया था। 26 जून को मामले में जसपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। 15 जुलाई 2012 को युवती की बरामदगी की मांग को लेकर भाजपा नेताओं संग लोगों ने सुभाष चौक पर जाम लगाकर हाईवे बाधित कर दिया था। मामले में तत्कालीन कोतवाल जेसी पाठक की तहरीर पर पूर्व सांसद बलराज पासी, काशीपुर विधायक हरभजन सिंह चीमा, गदरपुर विधायक (अब शिक्षा मंत्री) अरविंद पांडेय, रुद्रपुर विधायक राजकुमार ठुकराल, आदेश चौहान (अब जसपुर विधायक),  खिलेंद्र चौधरी, अजय कुमार, सीमा चौहान, शीतल जोशी समेत 15 लोगों को नामजद करते हुए अन्य के खिलाफ सरकारी कामकाज में बाधा डालने और धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप में केस दर्ज किया था।
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विवेचनाधिकारी तत्कालीन एसएसआई भीम भास्कर आर्य ने कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी। आरोपी पक्ष ने 22 अगस्त 2014 को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर को चुनौती दी थी। 26 जुलाई 2019 को सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी। सरकार की ओर से अभियोजन अधिकारी ने जनहित में केस वापसी के लिए प्रार्थना पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। सुनवाई के बाद अदालत ने यह प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था।
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आरोपी पक्ष ने इस निर्णय के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय में निगरानी वाद दायर किया था। यह निगरानी वाद भी सुनवाई के बाद खारिज हो गया। जिला अदालत ने यह मुकदमा काशीपुर की सिविल जज (सी.डि)/ एसीजेएम अदालत को भेजा दिया था। अदालत ने इस मामले में आरोपी मंत्री अरविंद पांडेय, विधायक हरभजन सिंह चीमा, आदेश चौहान, राजकुमार ठुकराल, पूर्व सांसद बलराज पासी, सीमा चौहान समेत 16 आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए हैं। 

आरोपियों की गिरफ्तारी पर अदालत का कड़ा रुख 

जिला एवं सत्र न्यायालय के आदेश के आलोक में सिविल जज (सी.डि)/ एसीजेएम ने इस मुकदमे में कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने एएसपी काशीपुर को आदेशित किया कि इस मामले में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग से टीमें गठित की जाएं। साथ ही टीम में शामिल पुलिस कर्मियों की लोकेशन की निगरानी कर आरोपियों की गिरफ्तारी 23 अक्तूबर से पूर्व सुनिश्चित की जाए। ऐसा करने में कोताही बरतने पर इसे सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट व जिला न्यायालय के आदेशों की अवमानना माना जाएगा। एएसपी राजेश भट्ट ने बताया कि 16 आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट प्राप्त हो चुके हैं। इस संबंध में पुलिस टीमें गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके ठिकानों पर दबिशें दी जाएंगी। 

आरोपियों को मिल चुकी है जमानत 
जसपुर में एनएच पर यातायात अवरुद्ध करने और उन्माद फैलाने के आरोप में गिरफ्तार हो चुके दो आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। पूर्व में गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद जसपुर पुलिस ने 31 अगस्त 2019 को ग्राम मनोरथपुर निवासी हरप्रीत सिंह हैप्पी और पतरामपुर निवासी अशोक कुमार को गिरफ्तार किया था। अदालत ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया था। बाद में अदालत ने उनकी जमानत मंजूर कर दी थी।

कानूनी पहलुओं पर कर रहे विचार 
विधायक हरभजन सिंह चीमा के अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल ने बताया कि विधायक चीमा ने अपनी गिरफ्तारी पर स्टे के लिए नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर न्यायालय ने सरेंडर करने पर उसी दिन जमानत अर्जी का निस्तारण करने के आदेश दिए हैं। अमरीश ने बताया कि अन्य कानूनी पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है।  

दूसरे मामले में भी पूर्व सांसद समेत 12 के खिलाफ वारंट

सचिन उर्फ गुड्डू हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर कोतवाली के गेट के सामने जाम लगाकर लोकशांति भंग करने के आरोप में विचाराधीन मुकदमे में भी एसीजेएम कोर्ट ने पूर्व सांसद बलराज पासी समेत 12 लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। 

वर्ष 2013 में हुए सचिन हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर भाजपा नेताओं ने कोतवाली गेट पर धरना दिया था। भाजपा के तमाम प्रांतीय नेता व विधायक भी धरना स्थल पर पहुंचे थे। मामले में पुलिस की ओर से कोतवाली में पूर्व सांसद बलराज पासी, भाजपा नेता राम मेहरोत्रा, ईश्वर चंद्र गुप्ता, गुरविंदर सिंह चंडोक, अजय शर्मा, बाबूराम शर्मा, गगन कांबोज, भगत सिंह, जसपुर निवासी मनोज पाल व खिलेंद्र चौधरी आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।

एक वर्ष पूर्व भाजपा सरकार ने जनहित में मुकदमा वापस लेने का निर्णय लिया था। इस मामले में एपीओ अनुज कुमार साहनी की ओर से मुकदमा वापसी के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। अदालत ने सुनवाई के बाद आवेदन खारिज कर दिया था। अदालत ने इस मामले में पूर्व सांसद समेत सभी 12 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वांरट जारी कर दिया है।

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