उत्तराखंड और नेपाली मूल के लोगों का सावन का पहला सोमवार आज, शिवालयों में भक्तों की भीड़
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सावन का पहला सोमवार आज मनाया जा रहा है। इसके साथ ही उत्तराखंड और नेपाली मूल के लोगों का सावन सोमवार से शुरू हो गया है। टपकेश्वर, पृथ्वीनाथ महादेव, गढ़ी डाकरा स्थित नागेश्वर मंदिर, जंगम शिवालय में सोमवार तड़के से ही भगवान शिव की पूजा के लिए लाइन में लग गए। भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुहागिनों ने अपने सुहाग की लंबी उम्र की कामना की।
पहले सोमवार को देखते हुए प्रशासन की ओर से यातायात व सुरक्षा व्यवस्था भी चौकस की गई है। सावन के पहले दिन को देखते हुए शहर के सभी मंदिरों में तैयारियां पूरी से हो चुकी हैं। शहर के सभी शिव मंदिरों में भोले बाबा का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। सुबह चार बजे से प्रदेश के सभी शिवालयों में पूजा पाठ कार्यक्रम जोर-शोर से चलेगा। मंदिराें में भोले बाबा को पहले सोमवार के लिए दूधेश्वर स्वरूप सजाया गया। पंडितों ने बताया कि इस साल संक्रांत के अनुसार आज से सावन शुरू हो गया है और 17 अगस्त तक चलेगा।
जबकि गुरु पूर्णिमा के अनुसार 27 जुलाई से 26 अगस्त तक चलेगा। लेकिन सावन की महाशिरात्रि नौ अगस्त को ही मनाई जाएगी। टपकेश्वर के स्वामी राजपाल गिरी ने बताया कि 27 जुलाई को दोपहर 2:54 बजे से रात 2:30 बजे तक चंद्रग्रहण रहेगा, जिसके चलते पूजा-पाठ नहीं होगा। उसी दिन, 28 जुलाई को सुबह चार बजे से पूजा आरंभ हो जाएगी।
टपकेश्वर मंदिर : टपकेश्वर मंदिर का इतिहास साढ़े छह हजार साल पूरा है। जब देवता लोग सुख शांति व शिव भगवान के ध्यान के लिए साधना में बैठ गए। जिसकों को देख भगवान शिव ने भूमि से निकल उन्हें दर्शन दिए। साथ ही उनकी मनोकामना पूरी कर टपकेश्वर की गुफा में भी शिवलिंग के रूप में विस्थापित हो गए। जहां शिवलिंग के ऊपर दूध की धाराएं गिरती थी। साथ ही गुफा में पानी स्वाभाविक रूप से टपकता रहता था। तब से आज तक शिव भक्तजन उनके दर्शन के लिए दुनिया भर से आते है। पहले सोमवार को मंदिर मेें सुबह चार बजे भोले बाबा का विशेष अभिषेक होगा। साथ ही पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए कपाट रात नौ बजे तक खोल दिए जाएंगे। मंदिर के पुजारी स्वामी राज पाल गिरी ने बताया कि पहले सोमवार को देखते हुए विशेष पूजा अर्चना करवाई जाएगी।
नागेश्वर मंदिर : कई दशकों पहले इस मंदिर का नाम गोरक्षनाथ मंदिर था। उस समय गुरु गोरक्षनाथ के उपासक नाम के गुरु यहां भगवान की तपस्या किया करते थे। उनकी साधना व तपस्या देख भगवान शंकर ने उन्हें दर्शन दिए। जिसकी बदौलत गुरु उपासक का पुत्र हुआ। जिसके बाद यहां के शिवलिंग में नाग रात को आते और सुबह चार बजे चले जाते। जिसे देख कई दशकों बाद इस मंदिर का नाम नागेश्वर मंदिर रख दिया गया। मंदिर में सोमवार को सुबह चार बजे से ही शिवलिंग को दूध, घी, दही आदि पंचामृत से स्नान करवाया जाएगा। कीर्तन मंडली द्वारा नाग देवता की पूजा अर्चना के साथ हवन पूजन भी करवाया जाएगा। महंत विश्वनाथ योगी ने बताया कि शिवजी के प्रिय फलों को शिवलिंग पर चढ़ाया जाएगा।
जंगम शिवालय : 350 साल पहले पलटन बाजार के एक कोने में संगम बाबा रहते थे। साथ ही भगवान शिव की साधना में विलीन रहते थे। मान्यता है कि 1986 में मंदिर परिसर मेें स्थित पीपल के पेड़ के नीचे अचानक बाबा प्रकट हुए, तब उनका नाम प्रकटेश्वर नाम रख दिया। साथ ही जंगम बाबा की यादों को ताजा रखने के लिए इस मंदिर का नाम जंगम शिवालय रख दिया गया। सावन के पहले सोमवार पर मंदिर में सुबह ही भगवान शिव की शिवलिंग का सामूहिक रूप से रुद्राभिषेक किया जाएगा। मंदिर के महन्त कृष्ण गिरी ने बताया कि मंदिर के कपाट सुबह साढ़ चार बजे से रात नौ बजे तक खुले रहेंगे। साथ ही भक्तों के लिए यातायात और सुरक्षा व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
पृथ्वीनाथ मंदिर : इस मंदिर में कई दशकों को पहले क ई देवता यहां तपस्या किया करते थे। साथ ही भगवान शिव की भक्ति में लीन रहा करते थे। मान्यता है कि उनकी भक्ति और साधना को देख भगवान शिव ने ब्रह्मा, विष्णु़ और महेश के तीन रूपों में दर्शन दिए। मंदिर को सावन के लिए पूरी तरह से सजा दिया गया है। साथ ही भक्तों से कहा कि भगवान शिव को खुश करने का सबसे अच्छा महीना है। मंदिर दिगंबर भागवत पुरी ने बताया कि सावन का ये महीना भगवान शिव को बहुत पंसद है। जिससे देखते हुए मंदिर में भक्तों के लिए सभी प्रकार की व्यवस्था की गई है।
24 अगस्त को टपकेश्वर से निकलेगी शिव बारात
आगामी 24 अगस्त को टपकेश्वर मंदिर से भागवान भोले बाबा की भव्य शोभा यात्रा(शिव बारात) निकाली जाएगी। साथ ही विशाल भंडारे के आयोजन कि या जाएगा। टपकेश्वर के महंत कृष्ण गिरी ने बताया कि टपकेश्वर महादेव सेवादल की ओर से सावन के आखिरी हफ्ते को देखते हुए भगवान शिव की शोभा यात्रा निकाली जाएगी और श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारा आयोजित किया जाएगा।
पृथ्वीनाथ मंदिर में शिव महोत्सव 28 जुलाई से
श्रावण मास को लेकर सहारनपुर चौक स्थित पृथ्वीनाथ मंदिर में आगामी 28 जुलाई से 26 अगस्त तक शिव महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। गुरु पूर्णिमा के अनुसार श्री पृथ्वीनाथ महादेव जी मंदिर सेवादल की ओर से शिव महोत्सव किया जा रहा है। हरिद्वार से लाए गए गंगा जल और दूध, दही, घी, पंचामृत, शक्कर, मधु आदि से भगवान भोले बाबा का सामूहिक रुद्राभिषेक किया जाएगा।
शिव पूजा से मिलता है यह लाभ
-अद्भुत ऊर्जा का विकास।
-संतान सुख।
-नौकरी की प्राप्ति।
-अकाल मृत्यु और भय से मुक्ति।
-कुंवारी कन्याओं को मनचाहे वर की प्राप्ति।