उत्तराखंड: राजेंद्र हत्याकांड का पर्दाफाश, बीडीसी सदस्य समेत तीन गिरफ्तार, आठ आरोपी अब भी फरार
- पुलिस का दावा आरोपियों ने चुनावी रंजिश के चलते घटना को दिया अंजाम
- आठ आरोपी अब भी फरार, हत्या में प्रयुक्त लाठी और डंडे भी बरामद हुए
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अल्मोड़ा पुलिस ने बाड़ेछीना के निकट पल्यू कांचुला पुल के पास बीते 20 जुलाई को लाठी डंडों से हमला करके हुई राजेंद्र सिंह (30) की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए बीडीसी सदस्य सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
एसएसपी पीएन मीणा ने बताया कि राजेंद्र की हत्या पंचायत चुनाव की रंजिश में की गई थी। वारदात में शामिल आठ लोग फरार है, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। एसएसपी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया है और निशानदेही पर आलाकत्ल (तीन लाठी डंडे) के साथ राजेंद्र क क्षतिग्रस्त मोबाइल भी बरामद किया है।
बीते 20 जुलाई को बाड़ेछीना के अंतर्गत ग्राम पल्यू काचूली पुल के पास सुपई गांव निवासी राजेंद्र सिंह चम्याल की लाठी, डंडो से पीटकर हत्या कर दी गई थी। राजेंद्र की पत्नी कमला चम्याल ने अज्ञात लोगों के खिलाफ राजस्व पुलिस में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कई घंटे तक शव भी नहीं उठाया था, बाद में डीएम नितिन सिंह भदौरिया के आश्वासन के बाद उन्होंने शव का अंतिम संस्कार किया।
27 जुलाई को डीएम ने जांच रेगुलर पुलिस को स्थानांतरित करने के आदेश दिए तो एसएसपी पीएन मीणा ने पुलिस क्षेत्राधिकारी वीर सिंह और कोतवाल हरेंद्र चौधरी की देखरेख में पुलिस टीम गठित कर दी। बृहस्पतिवार को एसएसपी पीएन मीणा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पंचायत चुनाव के समय से दोनों पक्षों के बीच रंजिश चल रही थी और 20 जुलाई को आरोपियों ने पूर्व नियोजित तरीके से पल्यू के पास एकत्र हुए और राजेंद्र सिंह पर लाठी डंडों से हमला करके हत्या कर दी।
आरोपियों की तलाश जारी
इसमें शामिल 11 लोगों में से बीडीसी सदस्य गिरधर सिंह सुपियाल उर्फ गुड्डू (30) पुत्र मोहन सिंह सुपियाल निवासी ग्राम सुपई सुपियाल, राजेंद्र सिंह डोलिया (32) पुत्र प्रेम सिंह डोलिया निवासी ग्राम सुपई सुपियाल और करन सिंह डोलिया (22) पुत्र शिवराज सिंह डोलिया निवासी ग्राम सुपई तिवारी को धारा 302/148/34 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम में ये रहे शामिल
मामले का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम में कोतवाली में तैनात एसएसआई बसंती आर्या, एसआई मनोहर सिंह, कांस्टेबल संदीप सिंह, खुशाल राम, नारायण रावल और मान सिंह शामिल रहे। एसएसपी ने मामले का खुलासा करने वाली टीम को ढाई हजार रुपये का पुरस्कार देने की भी घोषणा की है।
दोनों पक्षों में पिछले पंचायत चुनाव से चल रही थी तनातनी
पुलिस का दावा है कि मृतक राजेंद्र सिंह चम्याल और उसकी हत्या करने वाले आरोपियों के बीच पिछले पंचायत चुनावों से तनातनी चल रही थी। राजेंद्र सिंह भी पहले प्रधानी का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। बाद में गांव के कुछ लोगों ने उसे समझाकर बैठा दिया। उसके बाद राजेंद्र सिंह ने ग्राम पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा, इसमें भी वह हार गया। इसके बाद से दोनों पक्षों में रंजिश चल रही थी। पुलिस के मुताबिक राजेंद्र सिंह भी उग्र स्वभाव का था इसकी वजह से उसका विवाद होता रहता था और 20 जुलाई को हुई यह घटना इसी का परिणाम रही।