मंगलवार को हड़ताल पर रहेंगे उत्तराखंड के 80 हजार कर्मचारी, इन विभागों में नहीं होगा काम
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सातवें वेतनमान का लाभ न दिए जाने से नाराज प्रदेश के करीब 80 हजार राज्य निगम, निकाय, जल संस्थान, विकास प्राधिकरण, जिला पंचायत कर्मचारी मंगलवार को हड़ताल पर चले जाएंगे।
इससे प्रदेश में परिवहन और पेयजल समेत तमाम आवश्यक सेवाएं बाधित रहेंगी। वहीं कर्मचारी महासंघ ने मांग पूरी न होने पर एक दिवसीय हड़ताल को अनिश्चितकाल तक आगे बढ़ाने की चेतावनी दी है।
रविवार को कर्मचारी महासंघ ने हरिद्वार रोड स्थित यूनियन कार्यालय में बैठक कर आंदोलन की रणनीति तैयार की। महासंघ के अध्यक्ष संतोष रावत ने कहा कि राज्य निगम, निकाय, जल संस्थान, विकास प्राधिकरण, जिला पंचायत, पेयजल निगम, वन विकास निगम, जीएमवीएन व केएमवीएन, रोडवेज इंप्लाइज यूनियन, बहुउद्देशीय वित्त विकास निगम, अल्पसंख्यक कर्मचारी एक दिन की हड़ताल पर रहेंगे।
पांच अक्तूबर को हड़ताल पर फैसला
उन्होंने कहा कि 15 सितंबर को मुख्य सचिव की महासंघ से वार्ता में सहमति नहीं बन सकी, जिसके चलते कर्मचारी हड़ताल के अपने निर्णय पर अडिग हैं।महामंत्री रवि पचौरी और कार्यकारी अध्यक्ष गजेंद्र कपिल ने हाई पावर कमेटी में जल संस्थान को वेतन आयोग का लाभ देने की संस्तुति के बावजूद शासन के कैबिनेट में प्रस्ताव न रखे जाने पर नाराजगी जताई।
रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष रविंद्र भगत ने कहा कि परिवहन निगम का प्रस्ताव तीन सितंबर से शासन में लंबित है लेकिन जानबूझकर इस पर कोई फैसला नहीं किया जा रहा है। निकाय कर्मचारी महासंघ के महासचिव महावीर सिंह राणा ने कहा कि नगर निगम, पालिका और परिषद के प्रस्ताव एक माह से लंबित हैं। बैठक को प्रवीण रावत, हरदेव सिंह रावत, एसपी पंत, रमेश नेगी, दीपक चौहान, वीपी बहुगुणा, सूर्यप्रकाश रणाकोटी, गुरमीत सिंह, वाईेस राणा, केएन कोंडिल्य ने भी संबोधित किया।
उत्तराखंड परिवहन निगम संयुक्त मोर्चा ने अपना आंदोलन 15 दिनों के लिए टाल दिया है। मोर्चा के संयोजक दिनेश गुसाईं ने कहा कि 15 सितंबर को मुख्य सचिव से हुई वार्ता में 27 सितंबर को होने वाली कैबिनेट में सातवें वेतनमान का प्रस्ताव स्वीकृत करने का आश्वासन दिया गया है। जिसके बाद उन्होंने पांच अक्तूबर तक के लिए अपना आंदोलन टाल दिया है।