उत्तराखंडः राज्य में सरकारी नौकरियां 56 हजार, भरने की हिम्मत कैसे जुटाए सरकार
- कुल बजट का 54.47 प्रतिशत वेतन, पेंशन और ब्याज लौटाने पर करना पड़ रहा खर्च
- बड़ी संख्या में खाली पद भरेगी सरकार तो खजाने पर पड़ेगा बोझ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक प्रदेश सरकार विभागों में गजटेड अफसरों से लेकर चपरासी तक करीब 56 हजार पद खाली हैं। इसमें सबसे अधिक संख्या समूह ग (क्लास थ्री) के पद हैं। वित्तीय संकट का सामना कर रही प्रदेश सरकार इन खाली पदों को भरने का साहस नहीं जुटा पा रही है।
प्रदेश की सत्ता पर काबिज होने के बाद से ही अब तक खाली पदों की संख्या में खास कमी नहीं आई है। इसकी एक बड़ी वजह नई नौकरियों का बढ़ने वाला खर्च है, जिससे सरकार कुछ डरी हुई है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस वित्तीय वर्ष को रोजगार वर्ष घोषित किया है। वे खाली पदों को भरने के संबंध में विभागीय अधिकारियों को कई बार ताकीद कर चुके हैं। लेकिन शासन स्तर पर वैसी तेजी नहीं है, जैसी प्रदेश का बेरोजगार सरकार से आशा कर रहा था।
राजपत्रित और अराजपत्रित पदों की रिपोर्ट सदन में रखी
भराड़ीसैंण विधानसभा में बजट पेश करने के दौरान प्रदेश सरकार ने राजपत्रित और अराजपत्रित पदों की एक रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी। इस रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च 2019 तक प्रदेश के सरकारी विभागों में 56,474 पद खाली हैं। इनमें सबसे अधिक 37547 पद अकेले समूह ग (क्लास थ्री) के हैं। इन्हीं पदों पर प्रदेश के अधिकांश नौजवानों की निगाहें लगी हुई हैं।
विभागों में खाली पदों का ब्योरा
श्रेणी - स्थाई - अस्थाई - रिक्त
क - 4400 - 1801 - 2370
ख - 10162 - 3620 - 5239
ग - 145326 - 17165 - 37547
कुल योग- 191592 - 62665 - 56474
.....................................................................................
सरकार के खर्च की स्थिति
फंड - खर्च
वेतन - 31.15
ब्याज - 10.96
पेंशन - 12.36
.......................................
कुल योग - 54.47
................................
नोट: खर्च की राशि प्रतिशत में