उत्तराखंड में पहली बार 25 हजार पुलिसकर्मी करेंगे मतदान
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विधानसभा चुनाव में पुलिस महकमा पहली बार अपने वोटों की ताकत दिखाएगा। इस बार 25 हजार पुलिसकर्मियों से पोस्टल बैलेट के माध्यम से मताधिकार कराए जाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 17 हजार पुलिस कर्मियों ने पोस्टल बैलेट पाने के लिए फार्म-12 भर दिया है। बाकी कर्मचारी अगले तीन दिनों में यह प्रक्रिया पूरी कर लेंगे। टिहरी, पौड़ी और चमोली में पुलिस कर्मियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया है।
चुनाव आयोग के निर्देश पर पुलिस महकमा इस बार शत-प्रतिशत मतदान करने जा रहा है। 2012 के विधानसभा और 2014 के लोकसभा चुनाव में पुलिस मतदान में भागेदारी नहीं कर पाई थी। अफसरों की मानें तो आर्म्ड पुलिस को छोड़कर ड्यूटी में गए पुलिसकर्मी अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाते थे।
यही वजह थी कि सेना के जवानों की तरह पुलिस के जवान राजनीतिक दलों की प्राथमिकताओं में नहीं होते थे, लेकिन भविष्य में राजनीतिज्ञ अब उनकी अनदेखी नहीं कर पाएंगे। पुलिसकर्मियों से उनके परिवार, नाते रिश्तेदार और परिचित भी जुड़े हैं। ऐसे में अब वह भी अपनी पसंद की सरकार चुनने में अहम भूमिका निभाएंगे। चुनावी प्रक्रिया से पहले ही पुलिस मुख्यालय ने पुलिसकर्मियों के मतदाता पहचान पत्र को अनिवार्य कर दिया था।
पोस्टल बैलेट के लिए फार्म-12 भरना जरूरी
आईजी दीपम सेठ ने बताया कि पुलिस और पीएसी के 21500 जवानों की चुनाव में ड्यूटी लगी है। इसके अलावा एसडीआरएफ, सीबीसीआईडी, विजिलेंस और अन्य विभागों के कर्मचारी अलग हैं। पोस्टल बैलेट के लिए फार्म-12 भरना जरूरी है।
इस फार्म को भरे बिना पोस्टल बैलेट नहीं मिल सकेगा। इसके लिए 11 फरवरी डेटलाइन तय की गई है। देहरादून जिले में 2350 के करीब अधिकारी और कर्मचारी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
पुलिसकर्मियों के मतदान के लिए 25 हजार पोस्टल बैलेट की व्यवस्था की गई है। 17 हजार पुलिसकर्मी फार्म-12 भर चुके हैं, जबकि अन्य पुलिसकर्मी अगले कुछ दिनों में यह प्रक्रिया पूरी कर लेंगे। प्रयास है कि सभी पुलिसकर्मी अपने मताधिकार का प्रयोग कर नई मिसाल कायम करे।
- एमए गणपति, पुलिस महानिदेशक