थम गए उत्तराखंड रोडवेज के पहिये, 2899 कर्मचारी गए हड़ताल पर
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उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के करीब 2899 चालक, परिचालक और कार्यशाला के कर्मचारी शुक्रवार से प्रदेश में तीन दिनी हड़ताल पर चले गए हैं। चालक-परिचालकों के हड़ताल पर रहने से रोडवेज बसें नहीं चलेंगी। ऐसे में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। दरअसल यूनियन काफी लंबे समय से कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग कर रहा है।
इस संबंध में यूनियन के पदाधिकारी मुख्यमंत्री हरीश रावत, परिवहन मंत्री नवप्रभात और निगम के अधिकारियों से वार्ता कर चुके हैं। इसके बावजूद कोई हल नहीं निकलने पर यूनियन ने हड़ताल करने का निर्णय लिया है।
यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट उप समिति की सिफारिशों के अनुसार परिवहन निगम में कार्यरत चालकों, परिचालक एवं कार्यशाला कर्मियों को नियमित न करने पर यह फैसला बृहस्पतिवार को आईएसबीटी स्थित कार्यालय में हुई आपात बैठक में लिया गया। इस संबंध में परिवहन निगम के महाप्रबंधक (संचालन) को पत्र भेजकर सूचित किया जा चुका है।
रात को बिना कंडक्टर बसें हुईं रवाना
महामंत्री ने कहा कि इस संबंध में 11 अगस्त को भी आंदोलन करने का नोटिस विभाग को भेजा गया था। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई। कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से यात्रियों की मुसीबत तय है।
उन्होंने बताया कि देहरादून, नैनीताल और टनकपुर रीजन के सभी डिपो के कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। बृहस्पतिवार रात से ही अधिकांश बसों का संचालन ठप हो गया था। यूनियन के समस्त कर्मचारी तीन दिन के लिए सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं।
बैठक में संरक्षक डीएन शुक्ला, प्रदेश अध्यक्ष कमल पपनै, हरेंद्र कुमार, केपी सिंह, जितेंद्र कुमार, विनय जोशी, नीरज चौधरी, विपिन कुमार, सहदेव सिंह, यशपाल सिंह, उदयवीर सिंह, रवींद्र तोमर, संदीप कुमार, जितेंद्र यादव, विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।
बृहस्पतिवार देर रात उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के चालक, परिचालक एवं कार्यशाला के कर्मचारियों के सामूहिक हड़ताल पर जाने से कई बसें रद्द हो गईं। दिल्ली, हल्द्वानी और नैनीताल के लिए बगैर परिचालक के एक-एक वाल्वो रवाना हुई। हड़ताल होने से जयपुर, दिल्ली, नैनीताल, टनकपुर आने-जाने वाले यात्रियों को दिक्कतें हुईं।