फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   use of sleeper in drinking water line breakage

करोड़ों की पेयजल लाइन में चप्पलों के पैबंद

Tue, 18 Apr 2017 11:49 AM IST
नलिनी गुसाईं/ अमर उजाला, देहरादून
नलिनी गुसाईं/ अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 18 Apr 2017 11:49 AM IST
विज्ञापन
use of sleeper in drinking water line breakage
ad - फोटो : Getty Images

जरा सोचिये, जिस शहर में लोगों को शुद्ध पानी पिलाने के लिए सौ करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं चल रही हैं, वहां पाइप लाइन के लीकेज और पाइपों के खुले जोड़ों को बंद करने के लिए टूटी और गंदी चप्पलों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

विज्ञापन


जलसंस्थान के ठेकेदार ने वाशर का पैसा बचाने के लिए चप्पलों का इस्तेमाल कर लिया। ठेकेदारों ने नेहरू कालोनी के लोगों से ही चप्पलें मांगीं और फिर पाइपों में बांध कर मिट्टी के नीचे दबा दिया।
विज्ञापन


राजधानी में लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए जलसंस्थान, उत्तराखंड पेयजल निगम और एडीबी काम कर रहे हैं। इनका बाकायदा करोड़ों का एक्शन प्लान भी तैयार किया गया है। इसकी समीक्षा भी मुख्य सचिव स्तर से की जाती है। लेकिन हालत यह हैं कि घरों तक पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन में चप्पलें बांधी जा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


वो भी ऐसे वक्त में जब गर्मी का मौसम आ रहा है। जलसंक्रमित बीमारियों का शहर में हर साल हमला होता है। महानिदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण इस संबंध में जलसंस्थान को तुरंत लीकेज बंद करने के आदेश दे चुके हैं, ताकि गंदे पानी से रोग न फैलें। लेकिन गंदी चप्पलों से बंधी इन पाइप लाइनों का पानी जब बड़े, बूढ़े, बीमार और बच्चे पीएंगे तो उनकी सेहत भगवान भरोसे ही रहेगी।

यहां एक बड़ा सवाल यह भी खड़ा हो गया है कि जिन पाइप लाइनों को टूटी चप्पलों से बांधा गया है, वे पुरानी जर्जर नहीं हैं। ये बिल्कुल नई लाइनें हैं, जिन्हें जलसंस्थान ने बिछाया है। इनके लिए अभी हाल में ही बजट भी आवंटित किया गया है। 
अधिकारी बता रहे हैं कि सीएम घोषणाओं में शामिल इस प्रोजेक्ट की लाइन दिसंबर, 2016 में डाली गई हैं। नई पाइप लाइन होने के बावजूद इसमें लीकेज हो गए। बताया जा रहा है कि जलसंस्थान के ठेकेदार वाशर का पैसा बचाने के लिए लोगों की टूटी चप्पलों का इस्तेमाल कर रहे हैं। लोगों ने इसकी शिकायत महाप्रबंधक से की है।

इतनी जगहों पर पानी की किल्लत
शाखा का नाम        संवेदनशील मोहल्ले        समस्याग्रस्त योजनाएं
अनुरक्षण खंड            130                          82
उत्तर शाखा              16                           04
दक्षिण                  37                          03
पित्थूवाला               55                          10
रायपुर                  50                          07
--------------------------------------------------------------------
कुल                    288                       106

---------------------------------------------------------------------

नेहरू कालोनी मोहल्ले में पाइप लाइन में वाशर की जगह चप्पलें लगाने की शिकायत मिल चुकी है। मामले की जांच कराई जाएगी। इसके बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकता है।
- एसके गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक, जल संस्थान

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed