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रुड़की: विश्व प्रसिद्ध उर्स मेले पर मंडरा रहा कोरोना का साया, अब तक शुरू नहीं हुई तैयारी
Thu, 17 Sep 2020 06:21 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिरान कलियर (रुड़की)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिरान कलियर (रुड़की)
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 17 Sep 2020 06:21 PM IST
सार
- जियारत करने पिरान कलियर पहुंचते हैं देश-विदेश से भी भारी संख्या में जायरीन
- बीच का रास्ता निकालकर बाहरी जायरीनों को कराई जा सकती है ऑनलाइन जियारत
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पिरान कलियर
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
दरगाह साबिर पाक के विश्व प्रसिद्ध सालाना उर्स मेले पर कोरोना संक्रमण के चलते संकट मंडराने लगा है। मौजूदा परिस्थितियों में भीड़भाड़ वाला कोई आयोजन संभव नहीं है जबकि उर्स मेले में देश-विदेश से भी भारी संख्या में जायरीन जियारत करने पिरान कलियर पहुंचते हैं। ऐसे में बीच का रास्ता निकालकर बाहरी जायरीनों को ऑनलाइन जियारत कराई जा सकती है।
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पिरान कलियर स्थित दरगाह साबिर पाक के सालाना उर्स पर बड़े मेले का आयोजन होता है। हर साल उर्स की रस्मों को अदा करने के लिए देश विदेश से लाखों जायरीन पहुंचते हैं, लेकिन इस बार कोरोना महामारी के चलते उर्स मेले के आयोजन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। जिस तरह से हालात हैं, उसे देखते हुए अधिकारी भी फिलहाल यह साफ-साफ नहीं कह पा रहे हैं कि उर्स मेले का आयोजन होगा या नहीं।
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इस बार सालाना उर्स अक्तूबर के आखिर में है। हर वर्ष मेले की व्यवस्थाएं एक महीने पहले ही शुरू हो जाती थीं, लेकिन इस बार कोई सुगबुगाहट भी नहीं दिख रही है। करोड़ों के ठेकों को लेकर भी कोई निर्णय नहीं हो पाया है।
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कांवड़ मेले को स्थगित कर दिया था
वहीं, कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रदेश सरकार ने कांवड़ मेले को स्थगित कर दिया था। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार सालाना उर्स मेला भी नहीं होगा। केवल उर्स की मुख्य रस्में ही गाइडलाइन के अनुसार अदा की जा सकेंगी।
बड़े आयोजन तो कोरोना संक्रमण के चलते इस साल संभव नहीं हैं। केंद्र सरकार की ओर से जो गाइडलाइन आती है, उसका पालन किया जाएगा। कोरोना को ध्यान में रखकर ही उर्स की धार्मिक रस्में अदा की जाएंगी।
-डॉ. अहमद इकबाल, सीईओ, वक्फ बोर्ड
सालाना उर्स मेले के बारे अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। शासन के निर्देश पर ही उर्स की तैयारियां शुरू की जाएंगी। जो भी गाइडलाइन आएगी उसी के अनुसार कार्य किया जाएगा।
-नमामी बंसल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट
बड़े आयोजन तो कोरोना संक्रमण के चलते इस साल संभव नहीं हैं। केंद्र सरकार की ओर से जो गाइडलाइन आती है, उसका पालन किया जाएगा। कोरोना को ध्यान में रखकर ही उर्स की धार्मिक रस्में अदा की जाएंगी।
-डॉ. अहमद इकबाल, सीईओ, वक्फ बोर्ड
सालाना उर्स मेले के बारे अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। शासन के निर्देश पर ही उर्स की तैयारियां शुरू की जाएंगी। जो भी गाइडलाइन आएगी उसी के अनुसार कार्य किया जाएगा।
-नमामी बंसल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट