उर्स 2021: बड़ी रोशनी से जगमग हुआ कलियर, उमड़ी भारी भीड़, साबिर पाक में चादर पेश कर मांगी मन्नतें
चांद की 12 रबीउल अव्वल की तारीख को ईद मिलादुन्नबी और साबिर पाक के सालाना उर्स पर बड़ी रोशनी होने के चलते जायरीनों ने दरगाह साबिर पाक में चादर पेश कर मन्नतें मांगीं।
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साबिर पाक के 753वें सालाना उर्स और ईद मिलादुन्नबी के मौके पर जायरीनों ने दरगाह साबिर पाक में चादर पेश कर अमनो अमान की दुआ की। दरगाह इमाम साहब, किलकिलि साहब सहित अन्य दरगाहों पर भी जियारत कर जायरीनों ने दुआ की।
मंगलवार रात को बड़ी रोशनी मनाई गई। महफिल खाने में खत्म शरीफ हुआ। इसके पूरा होने के बाद दुआएं मांगी गईं। बाद में महफिले शमां का आयोजन किया गया। इसमें देश के कोने कोने से आए सूफी कव्वालों ने सूफियाना कलाम पढ़कर पूरी रात समा बांधे रखा। सज्जादानशीन शाह अली एजाज साबरी सहित दूरदराज से आए खादिमों और सूफियों ने बड़ी रोशनी की।
इस दौरान सज्जादा प्रतिनिधि शाह सुहैल, शाह खालिक, शाह यावर अली, हाफिज मैराज साबरी, नय्यर अजीम फरीदी, असद साबरी, शाह गाजी, सूफी राशिद साबरी, शफीक साबरी, सूफी इसरार साबरी, सैयद इकराम मियां और सलीम उदयपुरी आदि मौजूद रहे। वहीं, बड़ी रोशनी के दौरान पूरी दरगाह को रोशन किया गया। दरगाह परिसर में किसी भी जायरीन को रुकने नहीं दिया जा रहा है।
जायरीनों की उमड़ी भीड़
दरगाह साबिर पाक हो या दरगाह इमाम साहब और दरगाह किलकिलि साहब, इनकी ओर जाने वाली हर सड़क पर जायरीनों की लंबी कतारें लगी रहीं। सालाना उर्स की बड़ी रोशनी और ईद मिलादुन्नबी के मौके पर कलियर में आलम यह रहा कि दो-दो घंटे के इंतजार के बाद जियारत की बारी आई। दो दिन बारिश के बाद मंगलवार को मौसम साफ रहने पर जायरीनों की भारी भीड़ रही।
उलेमाओं ने सुन्नतों पर तकरीर की
ईद मिलादुन्नबी के दिन मोमिन नबियों के नबी पैगंबर हजरत मोहम्मद मुस्तुफा सल्ललाहु अलैहि वसल्लम की विलादत की खुशी मनाते हैं। उलेमाओं ने फरमाया की ईद मिलादुन्नबी के दिन मुसलमानों को अपने प्यारे नबी की सुन्नतों का एहतमाम करना चाहिए। इसमें उलेमाओं ने पैगंबर-ए-इस्लाम की सुन्नतों पर तकरीर की। वहीं घरों में कुरान ख्वानी की महफिल आयोजित की। कलियर सहित आसपास की मस्जिदों और मदरसों में महफिले मिलाद का आयोजन किया गया।
तिलावते कलाम पेश की
साबिर पाक के 753वें सालाना उर्स में हजरत मोहम्मद सल्ललाहु अलैहि वसल्लम के पैदाइश के अवसर पर दरगाह साबिर की जामा मस्जिद सहित अन्य मस्जिदों में ईद मिलादुन्नबी मनाया गया। ईद मिलादुन्नबी की शुरुआत जामा मस्जिद के इमाम हाफिज अब्दुल वाहिद और सऊद साबरी ने तिलावते कलाम पाक से की। देश के कोने कोने से आए मशहूर कारी एवं हाफिजों ने किरात में कलाम-ए-पाक पढ़ा।
जुलूस ए मोहम्मदी निकाले गए
ईद मिलादुन्नबी के मौके पर अलग-अलग क्षेत्रों में जुलूस ए मोहम्मदी निकाले गए। इसमें बड़ी संख्या में जायरीनों ने शिरकत की। साबिर पाक के सालाना उर्स और ईद मिलादुन्नबी के मौके पर कलियर, बढेड़ी राजपूतान, ज्वालापुर, सुल्तानपुर और गढ़मीरपुर आदि आसपास क्षेत्रों से जुलूस निकाले गए। इस दौरान अकीदतमंदों ने नव दरगाह साबिर पाक में चादर पेश कर अमनो अमान की दुआ मांगी।