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UPSC Result: देहरादून की निहारिका ने बढ़ाया मान, हासिल की 121वीं रैंक

Sat, 25 Sep 2021 09:37 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 25 Sep 2021 09:37 PM IST
सार

UPSC CSE Mains 2020 Exam Final Result: निहारिका मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल जिले के द्वारीखाल के ग्राम जवाड़ की रहने वाली हैं। निहारिका ने बताया कि वह बचपन से परिवार के साथ दून में पली बढ़ी हैं।

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UPSC CSE Mains 2020 Exam Final Result Released: dehradun niharika got 121 rank
निहारिका तोमर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देहरादून के इंद्रानगर (वसंत विहार) की रहने वाली निहारिका तोमर ने अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज परीक्षा में 121वीं रैंक हासिल कर अपना, परिवार, स्कूल और प्रदेश का मान बढ़ाया है। निहारिका ने यह सफलता चौथे प्रयास में हासिल की है।

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पिता केवी ओएनजीसी में शिक्षक
निहारिका मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल जिले के द्वारीखाल के ग्राम जवाड़ की रहने वाली हैं। निहारिका ने बताया कि वह बचपन से परिवार के साथ दून में पली-बढ़ी हैं। उनके पिता केवी ओएनजीसी में शिक्षक हैं। मां रिंकी तोमर गृहिणि हैं। निहारिका ने वैकल्पिक विषय पॉलिटिकल साइंस एंड इंटरनेशनल रिलेशन के लिए तीन महीने दिल्ली में कोचिंग ली। इसके अलावा उन्होंने कोई कोचिंग नहीं ली।
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निहारिका दो बहनों में छोटी हैं। निहारिका का कहना है कि उनके मम्मी-पापा ने हमेशा दोनों बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनकी धारणा है कि बेटियां भी बेटों की तरह होती हैं। वह भी कोई भी मुकाम हासिल कर सकती हैं।

चौथे प्रयास में 121वीं रैंक हासिल
निहारिका ने सातवीं कक्षा तक गौतम इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाई की। आठवीं से 12वीं तक केवि ओएनजीसी में पढ़ाई की। उसके बाद पंतनगर विश्वविद्यालय से बीटेक किया। तीसरे प्रयास में वह इंटरव्यू से बाहर हो गई। फिर भी निहारिका ने हार नहीं मानी और चौथे प्रयास में 121वीं रैंक हासिल की।

निहारिका कहती हैं कि उनके मन में हमेशा से यह था कि समाज के लिए कुछ खास करना है। इसलिए वह सिविल सर्विस में जाना चाहती थीं। उनकी पहली च्वाइस आईएएस और दूसरी आईपीएस बनने की है। निहारिका कहती हैं कि कोई भी काम असंभव नहीं होता, बल्कि इसके लिए दृढ़ इच्छा शक्ति की जरूरत होती है।

सुंई चौबे गांव के सचिन चौबे ने पास की आईएएस परीक्षा

लोहाघाट (चंपावत) विकासखंड के सुंई गांव के होनहार युवा सचिन चौबे ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर क्षेत्र और जिले का नाम रोशन किया है। सचिन चौबे परिवार के दूसरे आईएएस ऑफिसर बने हैं। इससे पहले सचिन के दादा स्व. ऊर्बा दत्त चौबे भी आईएएस अधिकारी थे।

 दिल्ली विश्वविद्यालय से एमएससी गणित की पढ़ाई के बाद सचिन ने पहले ही प्रयास में 334वीं रैंक प्राप्त की है। सचिन के चचेरे दादा जीआईसी लोहाघाट के प्रवक्ता श्याम चौबे ने बताया कि सचिन एसएसबी में सेवारत अपने पिता कीर्ति चौबे, गृहिणी मां उमा चौबे के साथ दिल्ली में रहते हैं।

सचिन की प्रारंभिक शिक्षा महर्षि विद्यामंदिर और डीएवी लोहाघाट में हुई है। बड़ी बहन दीक्षा चौबे मुंबई में बैंक प्रबंधक हैं। सचिन ने अपनी सफलता का श्रेय माता- पिता, गुरुजनों और अपने परिजनों को दिया है।

सचिन की सफलता पर एमडी चौबे, हरीश चौबे, दादी माधवी चौबे, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका सुशीला चौबे, विधायक पूरन सिंह फर्त्याल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी, चेयरमैन गोविंद वर्मा, ब्लॉक प्रमुख नेहा ढेक, सचिन जेशी, भुवन चौबे आदि ने खुशी जताई है।

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