उत्तराखंड: पांचवें धाम ‘सैन्यधाम’ का रखरखाव करेगा उपनल, जमीन की तलाश भी हुई पूरी
- सहस्त्रधारा रोड पर पुराने ट्रंचिंग मैदान के पास चिह्नित की गई है जमीन
- यहीं पर उपनल कार्यालय को भी जमीन देने की तैयारी
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उत्तराखंड में बनने वाले पांचवें धाम ‘सैन्यधाम’ के रखरखाव का जिम्मा उपनल को सौंपा जाएगा। इसके लिए सैन्यधाम से लगी हुई जमीन पर ही उपनल का मुख्यालय बनाया जाएगा। सरकार जल्द ही उपनल को यह भूमि उपलब्ध कराएगी।
सैन्यधाम निर्माण के लिए राज्य सरकार ने सहस्त्रधारा स्थित पुराने ट्रंचिंग मैदान के पास जमीन चिह्नित की है। नगर निगम की टीम ने यहां साफ-सफाई करने के बाद समतलीकरण भी शुरू कर दिया है। इससे लगी हुई निगम की काफी जमीन खाली पड़ी है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उपनल मुख्यालय के लिए वहीं पर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। इससे उपनल के लिए सैन्यधाम का रखरखाव करना भी आसान होगा। राज्य सरकार की इस जमीन पर सिटी पार्क बनाने की भी योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे उपनल की मुख्यालय के लिए जमीन ढूंढने की दिक्कत भी खत्म हो जाएगी।
अक्तूबर 2020 तक खाली करने का नोटिस
उपनल का मौजूदा दफ्तर आर्मी ए वन लैंड पर हैै। इसमें किसी तरह की मरम्मत व निर्माण पर प्रतिबंध है। सब एरिया ने उपनल को अक्तूबर 2020 तक कार्यालय खाली करने का नोटिस दिया है। उपनल प्रशासन पिछले काफी समय से जमीन की तलाश कर रहा है।
जमीन और स्थाई कार्यालय न होने के कारण हम विदेशों में प्रायोजन के लिए विदेश मंत्रालय में पंजीकरण नहीं करवा पा रहे हैं। प्रतिबंध के कारण कार्यालय में निर्माण-मरम्मत भी नहीं हो पा रही है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हमें ट्रंचिंग मैदान में सैन्यधाम के पास जमीन देने की बात कही है।
-ब्रिगेडियर पीपीएस पाहवा (सेनि.), एमडी, उपनल
शौर्य स्थल पर लहराएगा 100 फीट ऊंचा तिरंगा
चीड़ बाग स्थित युद्ध स्मारक शौर्य स्थल पर जल्द ही सौ फीट ऊंचा तिरंगा लहराया। तिरंगे के लिए शनिवार को यहां सौ फीट ऊंचा ध्वज पोल स्थापित कर दिया गया है। रिहर्सल के तौर पर इस पर तिरंगा भी लहराया गया। पोल निर्माण में करीब 10 लाख का खर्च आया है। जल्द ही इसका उद्घाटन किया जाएगा।
युद्ध स्मारक के अध्यक्ष पूर्व राज्य सभा सांसद तरुण विजय ने बताया कि तिरंगा आसपास के चीड़ के वृक्षों से भी ऊंचा दिखेगा। इसकी स्थिति ऐसी रखी गई है कि चीड़ वृक्षों की शाखाओं से इसका स्पर्श न हो। जिससे कि झंडे की आयु लंबी रहे। झंडे की नींव सोलह फीट गहरी है।
ध्वज पोल की स्थापना के बाद अब जल्द ही इसका उद्घाटन किया जाएगा। फिलहाल यहां तत्कालीन सेनाध्यक्ष और वर्तमान सीडीएस जनरल बिपिन रावत की ओर उपहार में भेजी गई दो गन, छोटी तोंपे और कारगिल विजय का दृश्य बताते भित्ति ताम्र चित्र स्थापित करने की कार्रवाई की जा रही है।
इसके साथ ही यहां यहां भारतीय वायुसेना प्रमुख द्वारा भेजे जा रहे मिग21 का एयर फ्रेम भी लगाया जाएगा। सांसद तरुण विजय ने इस अवसर पर ध्वज स्थापित करवाने में सहायता के लिए कैंट बोर्ड सीईओ तनु जैन का आभार प्रकट किया है।