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कच्ची नौकरी को ऐसे पक्की करेगी उत्तराखंड सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 12 Jul 2016 02:57 AM IST
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नौकरी
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आउटसोर्सिंग समाप्त कर उपनल कर्मचारियों को नियमित करने की मांग को लेकर शासन ने नया फार्मूला निकाला है। चतुर्थ श्रेणी के पदों की भर्ती में उपनल के अकुशल श्रेणी कर्मचारियों को 50 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा, जबकि अर्द्धकुशल और कुशल श्रेणी वालों को 20 प्रतिशत का वेटेज देने की योजना है। इसके साथ ही निकाले गए सभी उपनल कर्मचारियों को तुरंत वापस रख भविष्य में नहीं निकालने पर भी सहमति बनी है।
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उपनल कर्मचारियों की हड़ताल सरकार के गले की फांस बन चुकी है। नियमितीकरण की मांग कर रहे उपनल कर्मचारियों को राहत देने के लिए शासन स्तर पर हुई बैठक में निगम के अकुशल कर्मियों (चतुर्थ श्रेणी) को विभागीय भर्तियों में पचास प्रतिशत वेटेज देने पर सहमति बनी।
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साक्षात्कार के दौरान मिलेगा लाभ
उपनल कर्मियों को विभागीय भर्ती में साक्षात्कार के दौरान इस वेटेज का लाभ मिलेगा। तृतीय श्रेणी के पदों में आउटसोर्सिंग पर तैनात उपनल कर्मचारियों को नियमित विज्ञाप्ति होने वाले पदों पर बीस प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा। इसके अलावा निकाले गए सभी उपनल कर्मियों को दोबारा तैनात करने के लिए सभी विभागों को निर्देश दिए जाएंगे।
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हालांकि उपनल के माध्यम से तैनाती समाप्त कर सीधे विभागीय संविदा पर नियुक्ति की मांग पर शासन सहमत नहीं है। सचिव सैनिक कल्याण आनंद बर्धन ने बताया कि उपनल महासंघ को इस संबंध में अवगत करवा दिया गया है। चतुर्थ और तृतीय श्रेणी के पदों पर होने वाली भर्तियों के साक्षात्कार के दौरान उपनल कर्मचारियों को वेटेज दिए जाने पर सहमति बनी है।