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घाटे से उबरने को फिर सरचार्ज की याचिका दायर करेगा यूपीसीएल
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पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद महंगी बिजली खरीदने वाला यूपीसीएल एक बार फिर नए सिरे से नियामक आयोग में सरचार्ज लगाने की याचिका दायर करने जा रहा है। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है और शुक्रवार को नियामक आयोग में याचिका दायर की जा सकती है।
यूपीसीएल प्रबंधन के मुताबिक, देश में चल रहे बिजली संकट के बीच महंगी दरों पर लगातार बिजली खरीदने की वजह से निगम नुकसान में चल रहा है। हर महीने 100 से 125 करोड़ की बिजली खरीदनी पड़ रही है। इस घाटे से उबरने के लिए यूपीसीएल ने बीते दिनों नियामक आयोग में पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसके तहत एक अप्रैल से लागू हुए टैरिफ में ही सरचार्ज जोड़ने की मांग रखी गई थी। इस पर नियामक आयोग ने जनसुनवाई करने के साथ ही यूपीसीएल का पक्ष भी सुना था। आयोग ने इस याचिका का खारिज कर दिया था।
अब यूपीसीएल नए सिरे से याचिका दायर करने जा रहा है। यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार का कहना है कि महंगी बिजली खरीद के हिसाब से पूरे वित्तीय वर्ष में करीब 1355 करोड़ की आवश्यकता है। इसमें करीब 700 से 800 करोड़ तो वह खर्च कर चुके हैं और बाकी करीब 600 करोड़ अभी बचे हुए वित्तीय वर्ष में खर्च होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि अगर सरचार्ज की पुनर्विचार याचिका से निगम को राहत मिलती तो सरचार्ज कम होता लेकिन अब चूंकि वित्तीय वर्ष खत्म होने में करीब आठ माह बचे हैं, लिहाजा, सरचार्ज की दर थोड़ी अधिक हो सकती है। यूपीसीएल एमडी अनिल कुमार के मुताबिक, बिजली उपभोक्ताओं से अलग-अलग श्रेणी में जरूरी सरचार्ज की गणना की जा रही है। उन्होंने बताया कि संभावित तौर पर शुक्रवार को उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग में याचिका दायर कर दी जाएगी। इसके बाद आयोग का जो भी निर्णय होगा, उसी हिसाब से अनुपालन किया जाएगा।
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यूपीसीएल प्रबंधन के मुताबिक, देश में चल रहे बिजली संकट के बीच महंगी दरों पर लगातार बिजली खरीदने की वजह से निगम नुकसान में चल रहा है। हर महीने 100 से 125 करोड़ की बिजली खरीदनी पड़ रही है। इस घाटे से उबरने के लिए यूपीसीएल ने बीते दिनों नियामक आयोग में पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसके तहत एक अप्रैल से लागू हुए टैरिफ में ही सरचार्ज जोड़ने की मांग रखी गई थी। इस पर नियामक आयोग ने जनसुनवाई करने के साथ ही यूपीसीएल का पक्ष भी सुना था। आयोग ने इस याचिका का खारिज कर दिया था।
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अब यूपीसीएल नए सिरे से याचिका दायर करने जा रहा है। यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार का कहना है कि महंगी बिजली खरीद के हिसाब से पूरे वित्तीय वर्ष में करीब 1355 करोड़ की आवश्यकता है। इसमें करीब 700 से 800 करोड़ तो वह खर्च कर चुके हैं और बाकी करीब 600 करोड़ अभी बचे हुए वित्तीय वर्ष में खर्च होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि अगर सरचार्ज की पुनर्विचार याचिका से निगम को राहत मिलती तो सरचार्ज कम होता लेकिन अब चूंकि वित्तीय वर्ष खत्म होने में करीब आठ माह बचे हैं, लिहाजा, सरचार्ज की दर थोड़ी अधिक हो सकती है। यूपीसीएल एमडी अनिल कुमार के मुताबिक, बिजली उपभोक्ताओं से अलग-अलग श्रेणी में जरूरी सरचार्ज की गणना की जा रही है। उन्होंने बताया कि संभावित तौर पर शुक्रवार को उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग में याचिका दायर कर दी जाएगी। इसके बाद आयोग का जो भी निर्णय होगा, उसी हिसाब से अनुपालन किया जाएगा।
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