Unlock-4 in Uttarakhand : साहसिक खेलों के शौकीनों का इंतजार अब खत्म, गंगा में उतरीं रंग-बिरंगी राफ्टें, कारोबारियों के चेहरे खिले
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लंबे इंतजार के बाद तीर्थनगरी में शनिवार को गंगा में राफ्टिंग शुरू हो गई। गंगा में रंग-बिरंगी राफ्टें उतरने से व्यवसायियों के चेहरे खिल उठे हैं। इसके अलावा राफ्टिंग से जुड़े दूसरे लघु व्यवसायी भी खुश हैं। साहसिक खेलों के शौकीनों की गतिविधियां भी अब तीर्थनगरी में बढ़नी शुरू हो गई हैं। पहले दिन हरियाणा दिल्ली से आए करीब 500 पर्यटकों ने राफ्टिंग का लुत्फ उठाया।
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वैश्विक महामारी के कारण उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। पिछले छह महीने से ऋषिकेश के मुनिकीरेती कोडियाला ईकोटूरिज्म जोन में साहसिक गतिविधियां पूरी तरह से बंद थीं, लेकिन अब गंगा में रोमांच का सफर फिर से शुरू हो गया। शनिवार को ब्रह्मपुरी, मरीनड्राइव और शिवपुरी पर्यटकों की गतिविधियों से गुलजार रहा।
पीक प्वांइटों से पर्यटकों ने राफ्टिंग का जमकर लुत्फ उठाया। राफ्ट संचालक जीतपाल सिंह, राज सिंह, हुक्कम रावत, मुकेश तड़ियाल, जितेंद्र धाकड़, अनुभव पयाल, राकेश चमोली ने बताया कि राफ्ट का संचालन शुरू होने से अब मुनिकीरेती, तपोवन, लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम में पर्यटकों की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। राफ्टिंग के लिए ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू हो गई है। उम्मीद है कि कोरोना का साया जल्द छट जाएगा।
गंगा नदी राफ्टिंग रोटेशन समिति के अध्यक्ष दिनेश भट्ट नेे बताया कि बीते शुक्रवार को शासन से राफ्टिंग शुरू करने को हरी झंडी मिल गई थी। तीर्थनगरी के राफ्ट व्यवसायियों ने ऑनलाइन माध्यम से जिला पर्यटन विभाग में अपने शपथ पत्र भर दिए हैं। कहा राफ्टिंग के संचालन में कोविड-19 के नियमों का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है। 09 प्लस 02 क्षमता वाली राफ्ट में 04 प्लस 02 (चार पर्यटक, एक गाइड, एक हेल्पर) ही बैठ रहे हैं। गाइडलाइन में राफ्ट में 06 फुट की दूरी का नियम है। जबकि, एक राफ्ट 16 फुट लंबी होती है। इस तरह से नियमों का पालन करते हुए राफ्टिंग शुरू कर दी गई है।
गंगा नदी राफ्टिंग रोटेशन समिति की ओर से जारी रेट लिस्ट
कुड़ियाला से रामझूला/नीम बीच तक 35 किमी, प्रति व्यक्ति किराया 2500 रुपये
कुड़ियाला से शिवपुरी 20 किमी, प्रति व्यक्ति किराया 1500 रुपये
मैरिन ड्राइव से शिवपुरी 10 किमी, प्रति व्यक्ति किराया 1000 रुपये
मैरिन ड्राइव से रामझूला/नीम बीच तक 25 किमी, प्रति व्यक्ति किराया 1500 रुपये
शिवपुरी से रामझूला/नीमबीच 15 किमी, प्रति व्यक्ति किराया 1000 रुपये
ब्रह्मपुरी से रामझूला/नीमबीच 9 किमी, प्रति व्यक्ति किराया 600 रुपये
क्लब हाउस से रामझूला/नीमबीच 9 किमी, प्रति व्यक्ति किराया 600 रुपये
अभी फिलहाल हरियाणा और दिल्ली के पर्यटक उत्तराखंड का रुख कर रहे हैं। हालांकि, इनकी संख्या अभी ज्यादा नहीं है। पर जिस उत्साह के साथ पर्यटक यहां आ रहे हैं, उससे राफ्टिंग व्यवसायियों को काफी उम्मीदें हैं।
- दिनेश बिष्ट, अध्यक्ष गंगा नदी राफ्टिंग रोटेशन समिति
छह माह में खुला एडवेंचर टूरिज्म का लॉक
कोविड महामारी के कारण छह माह बाद प्रदेश में एडवेंचर टूरिज्म का लॉक खुला है। सरकार ने एडवेंचर टूरिज्म गतिविधियों को संचालित करने की अनुमति दे दी है। इससे एडवेंचर टूरिज्म के कारोबार से जुड़े हजारों लोगों को थोड़ी राहत मिली है।
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद में वर्तमान में रीवर राफ्टिंग गतिविधियों के लिए लगभग छह सौ से अधिक लोग पंजीकृत हैं। इसी तरह ट्रेकिंग और पर्वतारोहण, एयरो स्पोर्ट्स और कैम्पिंग गतिविधियों में हजारों का रोजगार जुड़ा है।
प्रदेश में 22 मार्च को लॉकडाउन के बाद से इन गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगी थी। एक जून से अनलॉक शुरू होने के बाद भी एडवेंचर टूरिज्म को खोलने की अनुमति नहीं मिली थी। अब सरकार ने केंद्र की गाइडलाइन का पालन कर एडवेंचर टूरिज्म को खोल दिया है।
सरकार की एसओपी के अनुसार एडवेंचर टूर ऑपरेटर व एजेंसियों को पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन से एडवेंचर गतिविधियों के संचालन की अनुमति के लिए अंडर टेकिंग पत्र प्रस्तुत करना होगा। कर्मचारियों को कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रशिक्षित करना होगा।
पर्यटकों की थर्मल स्क्रीनिंग, सामाजिक दूरी, मास्क, फेस शील्ड, लगातार हाथ धोने के नियमों का पालन करना होगा। जिला प्रशासन की ओर से एडवेंचर गतिविधियों के सुचारु संचालन के लिए मॉनीटरिंग कमेटी गठित की जाएगी। वहीं, एडवेंचर एजेंसी को एक नोडल अधिकारी नामित करना होगा। एडवेंचर गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरणों का सैनिटाइजेशन करने के बाद ही दोबारा प्रयोग किया जाएगा।
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने कहा एडवेंचर टूरिज्म का राज्य के समग्र पर्यटन उद्योग में एक बड़ा योगदान है। साहसिक पर्यटन को अनुमति मिलने से पर्यटन क्षेत्र को बड़ा फायदा मिलेगा। एडवेंचर कारोबार से जुुड़े लोगों और पर्यटन विभाग को एक टीम के रूप में काम करना होगा।