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नप सकती है यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी
अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 11 Dec 2013 03:19 PM IST
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत उत्तराखंड में सेवाएं दे रही कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के खिलाफ अनियमितताएं सामने आई हैं।
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कंपनी की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में
आरएसबीआई के तहत दी कैशलेस स्वास्थ्य सुविधाओं देने में बीमा कंपनी की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। आरएसबीवाई के उत्तराखंड प्रभारी और अपर सचिव स्वास्थ्य डी सेथिंल पांडेयन ने बीमा कंपनी के खिलाफ अनियमितताओं की रिपोर्ट महानिदेशक श्रम को भेज दी है।
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अंदेशा जताया जा रहा है कि कंपनी का करार रद्द हो सकता है। बीपीएल परिवारों पर केंद्रीत आरएसबीवाई योजना का लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है।
योजना के तहत जिन लोगों को बायोमेट्रिक स्मार्ट कार्ड जारी किया गया है उन्हें तीस हजार रुपए का मुफ्त इलाज निजी अस्पतालों में मिलता है।
इस कार्ड के लिए महज 30 रुपए बतौर प्रीमियम देना होता है। अपर सचिव स्वास्थ्य ने आरएसवीआई की समीक्षा के दौरान बीमा कंपनी की ओर से कई खामियां पकड़ी हैं। कई मामले ऐसे हैं जिसमें समय पर भुगतान नहीं किया गया है।
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कई खामियां पकड़ी गई
प्रीमियम के भुगतान को लेकर भी विभाग ने कई खामियां पकड़ी हैं। इसके साथ योजना के तहत अस्पतालों की इनपैनलमेंट भी सही तरीके से नहीं हुआ है।
शासन ने यूनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी की अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए इसकी रिपोर्ट केंद्रीय श्रम मंत्रालय को कर दी है। अपर सचिव स्वास्थ्य ने महानिदेशक श्रम से मामले में कार्रवाई की मांग की है, जिससे कंपनी का करार खतरे में पड़ गया है।