केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी बोलीं, कुपोषण को खत्म करने के लिए समन्वय से करना होगा काम
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केंद्रीय महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने मंगलवार को उत्तराखंड में पोषण अभियान के हालचाल जाने। उन्होंने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और विभागीय मंत्री रेखा आर्या के साथ अधिकारियों से इस अभियान पर बात की। उन्हें केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं से अवगत कराया, अपनी अपेक्षा के बारे में बताया और जरूरी निर्देश दिए। केंद्रीय मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि इस अभियान में स्वास्थ्य और महिला सशक्तीकरण-बाल विकास विभाग की कुपोषण की रोकथाम में सबसे अहम भूमिका है। यह विभाग अलग-अलग काम करेंगे, तो अनुकूल नतीजे नहीं आएंगे। सफलता के लिए दोनों विभागों का तालमेल अपरिहार्य शर्त है।
सीएम आवास में आयोजित बैठक में ईरानी ने कहा कि पोषण योजनाएं आंगनबाड़ी केंद्रों के मार्फत प्रभावी ढंग से चलाई जानी हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल व्यवस्था और टॉयलेट की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। अति कुपोषित व कुपोषित बच्चों को उचित पुष्टाहार प्राप्त हो, जिससे वे सामान्य श्रेणी में आ सकें। पौष्टिक आहार के लिए कलेंडर बनाया जाए और इसे जनप्रतिनिधियों के साथ शेयर किया जाए। एनीमिया को रोकने के लिए टी-3 रणनीति पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
दो बच्चों के पैदा होने के उचित समयांतर हो, इस दिशा में जागरूकता अभियान चलाया जाना जरूरी है, ताकि बच्चों का मानसिक व शारीरिक विकास सही तरीके से हो सके। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जिन जनपदों में बाल लिंगानुपात कम है, अधिकारी ऐसे जनपदों का भ्रमण करें। वहां बैठक कर लिंगानुपात कम होने के कारणों का पता लगाएं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत राज्य व जिला स्तरीय समितियों की बैठक समय-समय पर आयोजित की जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में चार वन स्टॉप सेंटर बन चुके हैं। शेष नौ सेंटर भी 15 अगस्त से पूर्व शुरू किए जाएंगे। स्पान्सर स्कीम के तहत लाभार्थियों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके, इसके लिए ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में वार्षिक आय की सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया गया। स्वधार गृह योजना के तहत मानसिक विक्षिप्त महिलाओं को आच्छादित करने का भी अनुरोध किया गया। बैठक में अपर सचिव भारत सरकार एसके सिंह, सचिव महिला सशक्तीकरण और बाल विकास सौजन्या, निदेशक झरना कमठान और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
चमोली और चंपावत जिले पर खास फोकस
केंद्रीय मंत्री ने लिंगानुपात को लेकर उत्तराखंड के चंपावत और चमोली जिले में सबसे ज्यादा फोकस रखने की जरूरत बताई। महिला सशक्तीकरण व बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बैठक के बाद मीडिया को बताया कि लिंगानुपात को लेकर उत्तराखंड की स्थिति लगातार सुधर रही है। सात अगस्त को ऊधमसिंहनगर जिले के बेहतर प्रदर्शन के लिए उत्तराखंड को केंद्र सरकार से पुरस्कार मिलने जा रहा है।
मोबाइल एप के जरिये एक एक बच्चे का ब्यौरा
उत्तराखंड के एक एक बच्चे के कुपोषण और उससे जुड़ी जानकारी जल्द ही एक मोबाइल एप के जरिये सरकार को उपलब्ध रहेगी। विभागीय मंत्री रेखा आर्या के अनुसार, यह एप हिंदी में होगा। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मार्फत मोबाइल एप पर सारी जानकारी एकत्रित की जाएगी।