Budget 2024: रेल बजट से उत्तराखंड को मिलेंगे 5131 करोड़, कई नई परियोजनाओं को मिलेगी गति
Union Budget 2024: ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का काम 2026 तक पूरा हो जाएगा। वहीं, प्रदेश में चार नई परियोजनाओं को भी गति मिलेगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड को इस बार रेल बजट से विभिन्न परियोजनाओं के लिए 5131 करोड़ का बजट मिलेगा। मंगलवार को जारी हुए बजट में इसका प्रावधान किया गया है। बुधवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वर्चुअल प्रेस वार्ता में उत्तराखंड के रेल बजट, पांच रेल परियोजनाओं, स्टेशनों को अमृत स्टेशन बनाने संबंधी विभिन्न जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का काम शिव व शक्ति टनल बोरिंग मशीन की मदद से जून 2026 तक पूरा हो जाएगा। मंत्री वैष्णव वर्चुअल प्रेस वार्ता में जम्मू और उत्तराखंड के पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे।
अमर उजाला ने रेल मंत्री से ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की प्रगति पर सवाल पूछा, जिस पर मंत्री ने बताया कि इसमें 213 किमी की सुरंगें हैं, जिसमें से अभी 171 किमी का कार्य पूरा हो चुका है, बाकी का कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में सुरंगें बनाने के लिए जिन दो टीबीएम यानी टनल बोरिंग मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है उनका नाम ‘शिव’ और ‘शक्ति’ रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का कार्य 2026 के मध्य तक पूरा हो जाएगा और यह अपने आप में एक कीर्तिमान होगा। उन्होंने बताया कि रेलवे के लिए कुल दो लाख 62 हजार करोड़ बजट का प्रावधान किया गया है, जिसमें से राज्य को 5131 करोड़ मिलेंगे।
Budget 2024: उत्तराखंड में महिलाओं को रजिस्ट्री पर स्टांप शुल्क में और मिल सकती है छूट, तकनीक को भी बढ़ाव
परियोजना जटिल व बड़ी, समय पर पूरी होगी
टनल निर्माण की सुरक्षा और चुनौती के सवाल पर मंत्री वैष्णव ने कहा कि इतनी बड़ी और जटिल परियोजना को हिमालय के युवा पहाड़ों पर काफी कम समय में पूरा किया जाएगा, जहां कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हिमालय के पहाड़ों में अधिकतम मिट्टी पाई जाती है, जो सुरंग बनाने में मुश्किल पैदा करती है। इसलिए यहां सुरंग बनाने के लिए हिमालयन टनलिंग मेथ्ड यानी एचटीएम को इजाद किया गया है, जिससे हिमालय के युवा पहाड़ों के भीतर संतुलित टनल बनाई जाती है। इसमें टनल बोरिंग के साथ ही क्रंकीटयुक्त कर मजबूती दी जाती है।
तैयार हो रही बागेश्वर-टनकपुर और ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाइनों की डीपीआर
अमर उजाला ने रेल मंत्री वैष्णव से प्रदेश की चार महत्वपूर्ण भविष्य की रेल परियोजनाओं की प्रगति को लेकर सवाल पूछा तो मंत्री ने बताया कि बागेश्वर-टनकपुर, बागेश्वर-गैरसैंण, ऋषिकेश-उत्तरकाशी और देहरादून-सहारनपुर रेलवे लाइनों की डीपीआर बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए अत्याधुनिक लिडार तकनीकी से सर्वे किया जा रहा है। जैसे-जैसे काम शुरू होगा, उसकी प्रगति भी जनता से साझा की जाएगी। इस बजट से इन परियोजनाओं को भी एक गति मिलेगी।
11 स्टेशन बनेंगे अमृत स्टेशन
मंत्री वैष्णव ने बताया कि देहरादून, हरिद्वार जंक्शन, हर्रावाला, काशीपुर जंक्शन, काठगोदाम, किच्छा, कोटद्वार, लालकुआं जंक्शन, रामनगर, रुड़की और टनकपुर सहित 11 स्टेशनों को अमृत स्टेशनों के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में 2014 से 2024 तक 69 किमी के नए रेल ट्रैक बिछे हैं। इसी अवधि में 303 किमी की रेल लाइनों का विद्युतीकरण किया गया है। 2009-14 के बीच यह आंकड़ा शून्य था। राज्य में 70 रेल ब्रिज और अंडर ब्रिज का निर्माण हो चुका है। फिलहाल 216 किमी की तीन रेल परियोजनाओं (रेलवे ट्रैक) का काम चल रहा है , जिसकी लागत 25,941 करोड़ रुपये है।