फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uniform Civil Code Common questions and answers related to UCC Read All Update in hindi

Uniform Civil Code: ड्राफ्ट को लेकर आपके मन में है कई उलझन...जानें यूसीसी से जुड़े सामान्य सवाल-जवाब

Wed, 07 Feb 2024 02:50 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 07 Feb 2024 02:50 PM IST
सार

Uniform Civil Code: यूसीसी ड्राफ्ट को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं। किन पर यूसीसी लागू होगा। इससे क्या कुछ बदलेगा। तो आइए आपको बताते हैं यूसीसी से जुड़े कुछ सामान्य सवाल-जवाब।

विज्ञापन
Uniform Civil Code Common questions and answers related to UCC Read All Update in hindi
UCC - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सदन में पारित होने के बाद उत्तराखंड यूसीसी को लागू करने में देश का पहला राज्य होगा। सांविधानिक जरूरत पड़ी तो इस कानून को लागू करने से पहले अनुमोदन के लिए राष्ट्रपति के भेजा जा सकता है, लेकिन आज आपको यूसीसी से जुड़े कुछ सामान्य सवाल-जवाब के बारे में बताते हैं।

विज्ञापन

सवाल: समान नागरिक संहिता से आदिवासियों को बाहर क्यों रखा गया?

जवाब : भारत के संविधान के अनुच्छेद 366 के खंड 25, सहपठित अनुच्छेद 342 के अंतर्गत तथा अनूसूचि छह के अंतर्गत अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों को विशेष संरक्षण प्रदान किया गया है। ड्राफ्ट समिति ने माना कि प्रदेश में निवास कर रही जनजातियों में महिलाओं की स्थिति प्रदेश में अन्य वर्गों की तुलना में कहीं अधिक बेहतर है।

विज्ञापन

सवाल : समान नागरिक संहिता किन पर लागू होगी?

जवाब: राज्य के मूल निवासी व स्थायी निवासियों पर। राज्य सरकार या उसके किसी उपक्रम के स्थायी कर्मचारी, केंद्र या उसके किसी उपक्रम के राज्य में तैनात स्थायी कर्मचारी, राज्य में कम से कम एक वर्ष से निवास कर रहे व्यक्ति, राज्य या केंद्र की योजनाओं के लाभार्थी, जिसने राज्य निवासी होने का लाभ लिया हो।

विज्ञापन
विज्ञापन

सवाल : विवाह की आयु में कोई परिवर्तन क्यों नहीं किया गया?

जवाब : मुस्लिम वर्ग के अतिरिक्त सभी वर्गों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु लड़कियों के लिए 18 वर्ष, लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित है। मुस्लिम वर्ग के लिए न्यूनतम आयु उसका मासिक धर्म प्रारंभ होने से मानी जाती है। अब सबके लिए यह आयु समान होगी।

सवाल : यूसीसी में आनंद मैरिज एक्ट के लिए क्या कहा गया है?

जवाब : किसी भी वर्ग में विवाह के अनुष्ठानों पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया गया। सप्तपदि, आशीर्वाद, निकाह, पवित्र बंधन, आनंद कारज, आर्य समाज विवाह, विशेष विवाह अधिनियम को इसमें संरक्षित किया गया।

सवाल : अनिवार्य विवाह पंजीकरण अधिनियम प्रदेश में पहले से लागू है तो अब इसे समान नागरिक संहिता में लाने की जरूरत क्यों?

जवाब : वह अधिनियम समान नागरिक संहिता आने के बाद समाप्त हो जाएगा।

सवाल : अगर कोई विवाह का रजिस्ट्रेशन नहीं कराएगा तो क्या वह निरस्त होगा?

जवाब : ऐसा विवाह निरस्त नहीं माना जाएगा बल्कि उस पर यूसीसी के प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई होगी।

सवाल : तलाक के लिए समान नागरिक संहिता में क्या तरीके होंगे?

जवाब : बिना न्यायिक प्रक्रिया अपनाए कोई भी विवाह विच्छेद नहीं होगा। ऐसा करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सवाल : समान नागरिक संहिता में पुत्र, पुत्री के बीच संपत्ति का बंटवार क्या समान होगा?

जवाब : हां

सवाल : यूसीसी में मृतक की संपत्तियों का विभाजन कैसे होगा?

जवाब: संपत्ति शब्द को हटाकर संपदा शब्द का प्रयोग यूसीसी में किया गया है। इसमें मृतक की सभी प्रकार की संपत्तियां जैसे चल, अचल, स्वयं अर्जित, पैतृक या जन्गम या संयुक्त, मूर्त या अमूर्त या ऐसी किसी भी संपत्ति में कोई भी हिस्सा, हित या अधिकारी को सम्मिलित किया गया है। यूसीसी लागू होने के बाद पैतृक संपत्ति अब व्यक्ति की स्वयं अर्जित संपत्ति ही मानी जाएगी। और उसका विभाजन उसके उत्तराधिकारियों के बीच स्वयं अर्जित संपत्ति के अनुसार ही किया जाएगा।

ये भी पढ़ें...Uniform Civil Code:  2010 के बाद हुई है शादी तो कराना होगा पंजीकरण, छह माह का समय...वरना लगेगा जुर्माना

सवाल : कोई व्यक्ति अपनी कितनी संपदा की वसीयत कर सकता है?

जवाब: कोई भी व्यक्ति अपनी पूरी संपदा की वसीयत कर सकता है। यूसीसी लागू होने से पहले मुस्लिम, ईसाई एवं पारसी समुदायों के लिए वसीयत के पृथक नियम थे, जो अब सबके लिए समान होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed