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Dehradun News: आंगनबाड़ी केंद्रों पर महिलाओं को समझाया स्तनपान का महत्व
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विकासखंड स्तर पर पोषण माह की शुरुआत
मां का दूध शिशु के लिए अमृत समान : बडोला
पोषण माह के तहत कालसी विकासखंड के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पूरे माह चलेंगे। महिलाओं को महालक्ष्मी किट भी प्रदान की गई।
बाल विकास परियोजना अधिकारी अंजू बडोला ने बताया कि सुपोषित भारत, साक्षर भारत, सशक्त भारत थीम पर आधारित कार्यक्रम पूरे माह केंद्रों पर आयोजित किए जाएंगे। केंद्रों पर महिलाओं को स्तनपान का महत्व समझाया गया। मां के दूध को शिशु के लिए अमृत बताया। कहा कि शिशु को छह महीने तक मां का दूध आवश्यक रूप से पिलाना चाहिए। मां के दूध में सभी पोषक तत्व होते हैं।
उम्र के साथ बच्चों की लंबाई, वजन के साथ-साथ उनके दिमाग का विकास भी जरूरी है। छह माह के बाद से शिशु को मां के दूध के साथ पौष्टिक आहार देना चाहिए। आहार के रूप में दलिया, खिचड़ी, हलवा, दाल इत्यादि का प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ताओं ने केंद्रों पर मोटे अनाजों से रंगोली भी बनाई। बच्चों का अन्न प्रराशन किया गया। महिलाओं की गोद भराई की रस्म भी अदा की गई।
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मां का दूध शिशु के लिए अमृत समान : बडोला
पोषण माह के तहत कालसी विकासखंड के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पूरे माह चलेंगे। महिलाओं को महालक्ष्मी किट भी प्रदान की गई।
बाल विकास परियोजना अधिकारी अंजू बडोला ने बताया कि सुपोषित भारत, साक्षर भारत, सशक्त भारत थीम पर आधारित कार्यक्रम पूरे माह केंद्रों पर आयोजित किए जाएंगे। केंद्रों पर महिलाओं को स्तनपान का महत्व समझाया गया। मां के दूध को शिशु के लिए अमृत बताया। कहा कि शिशु को छह महीने तक मां का दूध आवश्यक रूप से पिलाना चाहिए। मां के दूध में सभी पोषक तत्व होते हैं।
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उम्र के साथ बच्चों की लंबाई, वजन के साथ-साथ उनके दिमाग का विकास भी जरूरी है। छह माह के बाद से शिशु को मां के दूध के साथ पौष्टिक आहार देना चाहिए। आहार के रूप में दलिया, खिचड़ी, हलवा, दाल इत्यादि का प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ताओं ने केंद्रों पर मोटे अनाजों से रंगोली भी बनाई। बच्चों का अन्न प्रराशन किया गया। महिलाओं की गोद भराई की रस्म भी अदा की गई।
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